जैसलमेर में घूमने की जगह - Jaisalmer Tourist Places in Hindi

मेरे प्रिय पाठक आपका प्रेम पूर्वक नमस्कार हमारे इस नए लेख में, इस लेख में हम जैसलमेर यात्रा करने की संपूर्ण जानकारी देंगे अतः आपसे अनुरोध है कि हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें |

जैसलमेर में घूमने की जगह - Jaisalmer Tourist Places in Hindi
जैसलमेर में घूमने की जगह - Jaisalmer Tourist Places in Hindi
जैसलमेर में घूमने की जगह - Jaisalmer Tourist Places in Hindi
Nature

जैसलमेर में घूमने लायक जगह- Jaisalmer in Hindi

“केसरिया बालम आवो ने, पधारो नी माहरे देश.... ”

ये गीत सुनते ही मन जितना आनंदित हो जाता है उसका बखान करना संभव ही नहीं है, तो जरा सोचिये जब आप इस किले और हवेली वाले शहर की यात्रा करेंगे तो आपको कितना आनंद आएगा। जैसलमेर भारत के थार रेगिस्तान में स्थित राजस्थान का एक शहर है। दूर-दूर तक फैले रेट के समन्दर के बीच बसा यह शहर अपने आप अनोखा है। यहाँ के किले, हवेलियाँ, गाँव, बाजार, खान-पान और ऊँट की सवारी सभी कुछ एक शाही रूमानियत लिए हुए है। ऊंट दौड़, पगड़ी बांधना, और सबसे अच्छी मूँछ की प्रतियोगितायें पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। तो आज हम आपको इस राजे-रजवाड़ों के शहर की शानो शौख्त से परिचित करायेंगे, ताकि आप जब भी शहर का रुख करें तो आपके पास यहाँ की विस्तृत जानकारी उपलब्ध हो। इसलिए लेख को अंत तक ज़रूर पढ़िएगा।    

जैसलमेर का इतिहास - Jaisalmer History in Hindi :

जैसलमेर इसके इतिहास के बारे में कहा जाता है कि 1156 ई. में भाटी राजपूत वंश के रावजैसल ने इस शहर की स्थापना अपनी राजधानी के रूप में की थी। इस शहर का इतिहास इस बात की गवाही देता है कि इसने अनेक मुगल, तुगलक और विदेशी आक्रमणों के बावजूद अपने गौरव को बनाये रखा है। रेत के टीलों और पठार से भरा ये शहर पीले और कई महत्वपूर्ण कीमती पत्थरों का केंद्र था जिस कारण यहाँ के कई हवेलियाँ और किले पीले पत्थर से बने हैं। जिस कारण इस शहर को ‘गोल्डन सिटी’ के नाम से भी जाना जाता है। संकरी गलियों के बीच यहाँ गाँव इतने छोटे-छोटे हैं कि पैदल ही यहाँ की यात्रा पर निकल सकते हैं। ऐसा माना जाता है कि यह शहर प्राचीन सिन्धु घाटी सभ्यता का केंद्र रहा है। यहाँ की संस्कृति, परंपरा और विरात अपने आप में अनूठी होने के साथ एक ऐतिहासिक महत्व को समाहित किये हुए है जिसके दर्शन करना हमें अचंभित अवश्य कर सकता है। 

जैसलमेर में घूमने की सबसे अच्छी जगह - Best Jaisalmer tourist places to visit in Hindi :

1. अतीत और विरासत से भरा हुआ जैसलमेर का किला - Rich Past Heritage, Jaisalmer Fort in hindi :

जैसलमेर की शान कहलाना वाला जैसलमेर का किला एक ऐतिहासिक इमारत है जो थार रेगिस्तान में त्रिकुटा पर्वत पर स्थित है। इस किले का निर्माण 1156 में राजा जैसल ने पीले संगमरमर और बलुओं पत्थरों से कराया था। थार रेगिस्तान के बीच यह शहर का केंद्र है जहाँ आस-पास के रेत और सूरज की किरणों के कारण यह किला एक दम स्वर्ण के समान दमकता है। जिस कारण इस किले को ‘सोनार का किला’ या ‘गोल्डन फोर्ट’ भी कहा जाता है। इस किले की दीवारों की चारों तरफ 30-30 फीट ऊँचे 99 बुर्ज बनाए गए हैं जिस कारण जब बाहरी आक्रमण हुए तब भी यह किला अपनी शान और गौरव क साथ उनके सामने खड़ा रहा। राजसी शानों शौख्त और आन और सम्मान के प्रतीक इस किले में अनेक राजमहल, कुएँ, बावड़ी, प्रशासनिक भवन, मंदिर तथा कई बस्तियाँ भी हैं, जिस कारण यहाँ एक मिनी सिटी प्रतीत होती है। इस किले का प्रवेश द्वार लगभग 60 फीट ऊँचा है जो मजबूत शीशम की लकड़ी से बनाया गया है। इसके आलावा किले के अंदर कई होटल, बाजार, कैफे और कई दुकानें भी मौजूद हैं। इस किले के ठीक सामने जैसलमेर में प्रति वर्ष डेजर्ट फेस्टिवल मनाया जाता है। जिसमें ऊँट दौड़, ऊँट श्रृंगार, ऊँटनी का दूध निकालने की प्रतियोगिता, पगड़ी बाँधने की प्रतियोगिता, सबसे बड़ी मूँछ प्रतियोगिता तथा विभिन्न प्रकार के नृत्य व संगीत के कार्यक्रम होते हैं। इसलिए आप जब भी इस किले को देखने जाए इस महोत्सव का आनंद ज़रुर उठा कर आए।  

2. नरम सुनहरी रेत के बीच जैसलमेर में, डेजर्ट सफारी - In the midst of the soft golden sand, Desert Safari Jaisalmer in hindi-

जैसलमेर की मरुस्थल में स्थित डेजर्ट सफारी यहाँ एक लग्जरी रिजोर्ट है। यह रिजोर्ट आपको रेगिस्तान, राजस्थान और जैसलमेर की महक और खुशबू से एक साथ वाकिफ करा सकता है। जैसलमेरघूमते समय जितनी तरह की एक्टिविटी आप करना चाहते हैं उन सभी आनंद आप यहाँ उठा सकते हैं। राजस्थानी संगीत जो अपनी अलग-अलग किस्मों और अनोखे अंदाज़ के लिए मशहूर है जिसके कारण लोग यहाँ खींचे चले जाते हैं। साथ ही राजस्थानी लोग नृत्य जिसमें घूमर, कालबेलिया आदि मशहूर अहि उनका भी आनंद आप इस रिजोर्ट में उठा सकते हैं।

कठपुलती के खेल से लेकर राजसी ऊँट की सवारी तक के लिए यह रिजोर्ट आपको सारी सुविधा पर्दा करता है। साथ ही यहाँ एक स्वीमिंग पूल भी है जहाँ आप सुनहरे रेत की बीच और नीले आकाश के नीचे होने का  आनंद उठाते हुए सरे तनाव को ख़त्म कर सकते हैं। शहर के बीच होने के कारण यहाँ बने टीलों से शाम को सूर्यास्त का दृश्य ही अनोखा होता है।  


3. दिलचस्प आकर्षण स्थल कुलधारा गांव - interesting and intriguing attraction site, Kuldhara Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर से 18 कि. मी. दूर कुलधारा गाँव यहाँ एक भूतिया गाँव है। कुलधारा गाँव जैसलमेर का 500 वर्ष पुराना है गाँव है, जो 600 घर और 85 गाँव का एक समूह है। कहा जाता ही कि 13 वीं शताब्दी में पाली क्षेत्र से ऋषि यहाँ आए थे और उन्होंने इस गाँव की स्थापना की थी।18वीं शताब्दी में ये ऋषि ये गाँव छोड़कर चले गए और ये गाँव शापित हो गया। तब से कोई इस गाँव को दुबारा बसा नहीं पाया और यह गाँव भी वीरान और सुनसान है और पूरी तरह खंडहर हो चुका है। इन्ही भूतिया किस्सों के कारण यह गाँव पर्यटकों के बीच मशहूर है। यहाँ के पुराने घर, कुएँ, बावड़ियों और पत्थरों पर की गई नक्काशी को देखने दूर-दूर से यात्री यहाँ आते हैं। साथ ही जिन लोगों ने यहाँ रात रुकने के प्रयास किया उन्होंने बताया कि यहाँ किसी चलती परछाई, औरतों की आवाजें और कई अन्य गतिविधियों को महसूस किया है।      

4. अपनी वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध, जैसलमेर में जैन मंदिर - Famous for its architecture, Jain Temple Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर के प्रसिद्ध जैन मंदिर जैसलमेर के किले में स्थित हैं जिनका निर्माण 12वीं से 15वीं शताब्दी के बीच किया गया था। ये जैन मंदिर शंभवदेव और ऋषभदेव आदि जैन आचार्यों को समर्पित है। इनमें से जैन आचर्य को समर्पित पार्श्वनाथ जी का लौद्ररवा जैन मंदिर इन मंदिरों में सबसे प्रमुख है। इन मंदिरों पर की कई बारीक नक्काशी और हस्तकला अद्भुत और अनोखी है। इस मंदिर को बनाने में जैसलमेरी सैंटस्टोन का इस्तेमाल किया गया है। पीले रंग का होने के कारण यह मंदिर भी सूर्य की चमक में तेजी से चमकता है। मंदिर की गुंबद इतना खुबसूरत और रोचक था जो दूर से ही नजर आता है।

साथ ही यहाँ विशेष आकर्षण का केंद्र है मंदिर की चोटी तक पहुँचता कल्प वृक्ष। यहाँ मान्यता है कि यह कल्प वृक्ष समुद्र मंथन के समय रत्न रूप में प्राप्त हुआ था जिस कारण जो भी श्रद्धालु इस वृक्ष को छू कर यहाँ बैठ कर प्रार्थना करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। 

5. राष्ट्रीय उद्यान, डेजर्ट नेशनल पार्क - Desert National Park Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर के थार रेगिस्तान में बना डेजर्ट नेशनल पार्क लगभग 3165 वर्ग क्षेत्रफल में फैला सबसे बड़े राष्ट्रिय उद्यानों में से एक है। यह राष्ट्रीय उद्यान अपनी पारिस्थितिक तंत्र की उत्कृष्टता की लिए जाना जाता है। इस पार्क का लगभग 20% हिस्सा रेतीले टीलों से बना है। इस राष्ट्रीय उद्यान का प्रमुख भू-भाग क्रैगी चट्टानों और कॉम्पैक्ट साल्ट लेक बॉटम्स, इंटरमेडियल क्षेत्रों से बना है।

इस मरुस्थलीय और शुष्क वातावरण के बावजूद इस उद्यान में जीव-जंतुओं की विविधता हैं जिनमें कई ईगल, हैरियर, बाज़, बुलबुल, केस्टेल और गिद्ध यहाँ देखे जा सकते हैं। साथ ही छोटे पंजे वाले ईगल, तावी ईगल, चित्तीदार ईगल, लैगर फाल्कन्स और केस्टरेल, रेगिस्तानी लोमड़ी, बंगाल लोमड़ी, रेगिस्तानी बिल्ली, भेड़िया, हाथी, चिंकारा इनमें प्रमुख हैं। इसके आलावा इस डेजर्ट नेशनल पार्क में जानवरों और पौधों के जीवाश्मों का एक संग्रह है जो 180 मिलियन वर्ष पुराना है और यहाँ आपको 60 मिलियन वर्ष पुराने डायनासोर के कुछ जीवाश्म भी देखने को मिल जायेंगे। इस क्षेत्र का दौरा करने के लिए सबसे उपयुक्त समय नवंबर और जनवरी के बीच है उस समय यहाँ पर्यटकों का जमावड़ा देखने को मिल सकता है। 


6. 14 वीं शताब्दी में निर्मित गड़ीसर झील - Built in 14th century, Gadisar Lake Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर के किले से 1 कि. मी. दूर ‘तिलोंकी पोल’ में स्थित गड़ीसर झील जिसे महाराजा जैसल ने 1156 ई. में बनवाया था। हालाँकि, बाद में 1367 में, इसका पुनर्निर्माण महाराजा गार्सी सिंह ने करवाया। इसलिए इसे 'लेक गार्सीसर' के नाम से भी जाना जाता है। इस झील में अनादर जाने के लिए एक विशाल द्वार है जो पीले बलुआ पत्थरों का बना है। इस विशाल दरवाजे पर की गई बारीक नक्काशी, और वास्तुकला देखने लायक है और इस दरवाजे पर मेहराबदार खिड़कियाँ भी हैं। साथ ही इस झील के आस-पास आपको मंदिरों का एक पूरा झुंड दिख सकता है जो इस झील के चारों तरफ छतरीनूमा आकृति में स्थित हैं। साथ ही इस झील में आप बोटिंग करने का आनंद भी उठा सकते हैं।

7. दुर्लभ रेगिस्तानी क्षेत्र सैम सैंड ड्यून्स - A rare desert area, Sam Sand Dunes Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर से 45 कि. मी. दूर सैम रेट टिब्बा या सैम सैंड ड्युन्स कहलाने वाला यह स्थान भारत के प्रमाणिक और लोकप्रिय रेट टिब्बों में से एक है। यहन आपको 20-30 फीट ऊँचें रेट के टीले मिल जायेंगे जिस कारण यह पर्यटकों का मुख्य सफारी स्थल है। पर्यटक यहाँ जीप और ऊँट से इस डेसर्ट की सैर का आनंद उठाते हैं। इन रेतीले टीलों में 20-30 मिनट के रास्ते पर कई शिविर भी मौजूद हैं जहाँ आप शाम के वक्त ठहर सकते हैं और शाम को रेगिस्तान की रेतीली जमीन का आनंद उठा सकते हैं। इस डेजर्ट ड्युन्स में यात्रा करने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च का समय बिलकुल उपयुक्त है। उस समय शाम 4 से 7 बजे तक यात्रा का लुत्फ़ उठाना आपको सुखद अनुभव देगा।   

8. ताजिया टावर और बादल महल - Tazia Tower and Badal Palace Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर के अमर सागर गेट के पास बादल महल में जिसमें बादल जैसी आकृतियाँ है और इसी महल में से ताजिया टॉवर निकल रहा है। यह मीनार राजस्थान की सामान्य राजपुताना वास्तुकला से पूरी तरह अलग है। ये मुस्लिम कारीगरों द्वारा निर्मित राजस्थान के शाही परिवारों के घर थे, जिन्होंने इसे अपने धर्म के प्रतीक के रूप में ताज़िया का आकार दिया।

यह 5 मंजिला का एक टॉवर है, और प्रत्येक मंजिला एक अलग कहानी बताती है। प्रत्येक मंजिल में एक बालकनी है जो अपने डिजाइन के लिए प्रसिद्ध है, और पूरी संरचना में इस्लामिक स्पर्श है जिसमें इसके प्रत्येक मॉडल पर गहनता से नक्काशी की गई है। उर्दू में तज़िया का अर्थ है मोहर्रम के जुलूस के दौरान निकाली गई नाव। दूसरी ओर, बादल पैलेस, दीवारों पर नक्काशी की विशेषता वाली संरचनाओं का एक समूह है। ये दोनों ही संरचनाएँ वास्तुशिल्प भव्यता और मुस्लिम कारीगरों की समृद्ध का प्रतीक है। जहाँ आना आपको एक न्य सुखद अनुभव देगा।


9. करामाती छाया में डूबा, पटवों की हवेली - Dipped in an enchanting shade, Patwon ki Haveli Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर में सबसे बड़ी और सबसे ख़ूबसूरत नक़्काशीदार पटवों की हवेली की निर्माण गुमान चंद पटवा ने 1805 ई. में किया था। कहा जाता है इस भव्य हवेली का निर्माण करने में 50 साल का समय लगा था। पटवों की हवेली पांच हवेलियों का समूह है जिसे गुमान चंद ने अपने पांच बेटों के लिए बनवाया था। जैसलमेर की संकरी गली खड़ी यह इमारत अपनी अद्भुत नक्काशी और बारीक कलाकृति के लिए पयर्टकों के बीच मशहूर है। हवेली की दीवार पर रोमानियत से भरी चित्रकारी और काँच का काम देखा जा सकता है। इस हवेली के बीच में एक संग्रहालय है, जिसमें बीते युग की कलाकृतियाँ, चित्र, कलाएँ और शिल्प का शानदार दृश्य देखने को मिल सकता है। साथ ही इस हवेली के गुंबद और खम्भों पर विशेष कलाकारी देखने को मिल सकती है। इन मशहूर कलाकारी के कारण ही यात्री इस हवेली को देखने यहाँ आते हैं।    

10. जैसलमेर का बड़ा बाग - Jaisalmer Bada Bagh in hindi :

जैसलमेर से 6 कि. मी. दूर ‘बड़ा बाग़’ या ‘बरबाग़’ एक विशाल पार्क है जो भाटी राजाओं की स्मृति में बनाया गया है। जैसलमेर के पूर्व राजा, महाराज जय सिंह, जय सिंह द्वितीय आदि की कब्रे यहाँ मौजूद हैं और इन कब्रों के स्थित नक्काशीदारी छतरियाँ इस स्थान पर पर्यटकों का मुख्य केंद्र है। इस बड़ा बाग़ में पर्यटक जैतसार टंकी, जैत बांध और एक गोवर्धन स्तंभ भी है जो आकर्षित करता है। बांध और टंकी दोनों के निर्माण में पत्थरों के ठोस टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है साथ यहाँ की अद्भुत कलाकृति आपको अचंभित कर सकती है। बाग़ का काफी हिस्सा हरा-भरा है जहाँ आप शाम के समय टहलते हुए सूर्यास्त का आनंद उठा सकते हैं।   

11.ऐतिहासिक तनोट माता मंदिर - Historical, Tanot Mata Temple Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर का प्रसिद्ध तनोट माता का मंदिर 130 कि. मी. दूर भारत-पकिस्तान की सीमा पर स्थित है। भाटी शासकों की कुल देवी माने जाने वाला यह मंदिर लगभग 1200 साल पुराना है। यहाँ के गाँव में प्रचलित कथा है कि हिंगलाज ही तनोट देवी का अवतार है।1965 की भारत-पाकिस्तान की लड़ाई के दौरान यहाँ कई कहानियाँ मशहूर हैं। कहा जाता है कि उस दौरन 3000 के आस-पास बम इस मंदिर पर फेंके गये जिनमें से 450 बम तो फेटे तक नहीं और इतने बम भी इस प्राचीन मंदिर की नींव नहीं हिला सके। यहाँ तक कि मंदिर पर एक खंरोच तक नहीं है। 450 बमों को मंदिर के परिसर में बने म्यूजियम में इन बमों को सुरक्षित रखा गया है। इस मंदिर के चमत्कार के चलते हज़ारों श्रद्धालुओं की भीड़ इस मंदिर में लगी रहती हैं। अप जब भी जैसलमेर जाए इस मंदिर के दर्शन अवश्य करके आए।   

12. भारत का सबसे बड़ा पवनचक्की पार्क - india's largest, Windmill Park Jaisalmer in hindi :

भारत का सबसे बड़ा तटवर्ती पवन चक्की फार्म, जैसलमेर विंड मिल पार्क राजस्थान में विंध्य पर्वत और हिमालय के बीच यमुना नदी के पास स्थित है। यह कई पर्यटकों को आकर्षित करता है क्योंकि बड़े पैमाने पर पवन चक्कियाँ देखने लायक होती हैं। विशाल पवनचक्की परियोजना के बारे में जानना एक अनुभव है।

13. जैसलमेर का वॉर म्यूजियम - Famous War Museum Jaisalmer in hindi :

जैसलमेर के मुख्य जिला से 12 कि. मी. दूर वॉर म्यूजियम बीकानेर-जोधपुर के रास्ते पर स्थित है जो एशिया के 20 और भारत के 5 बड़े म्यूजियमस में से एक है। 24 अगस्त 2015 में दक्षिण कमान के तत्कालीन जीओसी मेजर जरनल अशोक सिंह ने देश को समर्पित कर दिया था।

इस म्यूजिम में 1965 और 1971 में जिन भारतीय जवानों ने भारत के गौरव और आत्मसम्मान को सुरक्षित रखने के लिए  अपनी जान तक दाँव पर लगा दिया उन्हें याद करने के लिए यह एक स्मृति के रूप में बनाया गया है। इस म्यूजियम में बहुत सी वॉर ट्राफिज, टैंक, हथियार, बंदूकें, लड़ाकू गाड़ियाँ तथा अन्य कई साधन प्रदर्शित किये गये हैं।

अप जब भी जैसलमेर जाए अपने भारतीय जवानों के स्मारक के रूप में बने इस म्यूजियम को अवश्य देख कर आए।   

जैसलमेर की सबसे अच्छी शॉपिंग मार्केट - Best Local Shopping Market Jaisalmer in Hindi :

शौपिंग मोल की दुनिया से बिलकुल अलग और अनोखी दुनिया अपने अन्दर समाहित किए हुए जैसलमेर के बाजार आपको न केवल यहाँ की संस्कृति और परंपरा के दर्शन करायेंगे बल्कि पूरे राजस्थान की खुशबू से आपके मन को भर देगा। महानगरों के महंगे लेबल वाली संस्कृति से दूर ये बाजार आपको गाँव के देहात और सादगी का अनुभव कराएँगे। यहाँ मिलने वाली रंग-बिरंगी चीजें आपको भी रंगीन करने के लिए काफी हैं। सुंदर स्कार्फ, हस्तकला के अद्भुत नमूने, चमड़े की वस्तुएँ, रंग-बिरंगी कठपुतलियाँ और घर को रंगीन करने की तमाम चीजें, सिल्वर और गोल्डन जूलरी से लेकर सिल्क की बनी कई वस्तुएँ, सुंदर तस्वीरों से लेकर, हाथ बुनाई की सुन्दर कालीनों तक आपको यहाँ सब देखने को मिल सकता है। जैसलमेर में यूँ तो कई बाजार मशहूर हैं लेकिन कुछ बाजार हैं जो विशेष रूप इस शहर की शान के चार चाँद लगाते हैं जहाँ जा कर खरीदारी करना आपको बड़ा भा सकता है-

  • सदर बाजार- पेंटिंग्स और कालीनों के लिए
  • भाटिया बाजार- सिल्क और तमाम चीजों के लिए
  • सोनारों का बास- सिल्वर और कई तरह की जूलरी के  लिए
  • पंसारी बाजार- होम डेकोरेशन और अन्य चीजों के लिए
  • मानक चौक- चमड़े की वस्तुएँ
  • सीमा गर्म- सुंदर और रंग-बिरंगे स्कार्फ और हस्तकला के लिए

जैसलमेर का मशहूर भोजन - Best Local Food Items of Jaisalmer in Hindi-

इतिहास और संस्कृति की धरोहर के साथ, जैसलमेर अपने स्वादिष्ट व्यंजनों का भी घर है जिन्हें आप भारत में कहीं ओर नहीं पा सकते। यहाँ के व्यंजन अपने चीखे चटख रंग और स्वाद के कारण जाने जाते हैं जो आपके मुँह में पानी लाने के लिए काफी है। राजस्थान की महक और स्वाद लिए हुए होने के कारण यहाँ अनेक रेस्टोरेंट और कई तरह की दुकानें भी आपको मिल जाएँगी जो इन व्यंजनों भरपूर हैं। यहाँ के फेमस व्यंजनों में मटन साग, गट्टे की सब्जी, मुर्ग-ए-सब्ज, मखनाई लस्सी, प्याज की कचौरी, दाल-बाटी चूरमा, बीन एस्प्रेस्स्को कॉफी, घोटू लड्डू, आदि मशहूर हैं। इन व्यजनों की महक खाने के शौकीन लोगों को आनंदित कर देंगे।

जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय - Best Time To Visit in Jaisalmer in Hindi :

जैसलमेर घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक का होता है। क्योंकि इस समय यहाँ का तापमान सुहावना और सर्द होता है। इस कारण यहाँ की यात्रा करना सुखद होगा। इस वक्त यहाँ का तापमान कम से कम 15 डिग्री तक रहता है और गर्मियों में यही तापमान 49 डिग्री तक रह सकता है। इसलिए आप जब भी जाए अपनी सुविधा और मौसम को देख कर जाए ताकि यहाँ का नया अनुभव आपको रोचंचित कर सके।  

जैसलमेर कैसे पहुंचे - How To Reach Jaisalmer in Hindi :

जैसलमेर पहुँचने के लिए हवाई, रेल और सड़क मार्ग आप जिस से जाना चाहे जा सकते हैं। सभी साधन उपयुक्त और सुविधाजनक हैं- 

सड़क मार्ग द्वारा जैसलमेर कैसे पहुंचे - How To Reach Jaisalmer in By Road in Hindi :

सड़क मार्ग से जैसलमेर जाने के लिए कई साधन उपलब्ध हैं-बस, कैब आदि। सड़क मार्ग से यह सीधा जैसलमेर नैशनल हाइवे से सीधा जुड़ती हैं। प्रतिदिन सुबह-शाम को 2 से 3 बसे जैसलमेर जाती हैं। वॉल्वो और प्राइवेट बस और टैक्सी की सुविधा भी उपलब्ध है। साथ ही आप चाहे तो अपने वाहन से भी सुविधाजनक यात्रा का आनंद ले सकते हैं।  

ट्रेन के द्वारा जैसलमेर कैसे पहुंचे - How To Reach Jaisalmer By Train in Hindi :

यूँ तो कई शहरों से जैसलमेर जाने के लिए सीधी ट्रेन सुविधा उपलब्ध है जिसमें दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, गायियाबाद, मुरादाबाद आदि हैं। साथ ही कुछ शहरों और राज्यों से सप्ताह में एक दिन ट्रेनें चलती हैं जिनमें से लखनऊ, वाराणसी, कलकत्ता, अहमदाबाद, सूरत और मुंबई आदि हैं।  

फ्लाइट के द्वारा जैसलमेर कैसे पहुंचे - How To Reach Jaisalmer by Flight in Hindi :

जैसलमेर जाने के लिए आपको सीधा फलाईट नहीं मिलेगी उसके लिए आपको पहले जोधपुर जाना होगा वहाँ से 294 कि.मी. का रास्ता तय करके आप जैसलमेर पहुँच सकते हैं। इसके लिए आपको वहाँ से लोकात बस और टैक्सी, कैब भी मिल जायगी जो आपको सीधा जैसलमेर ही छोड़ेगी। 

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