बलरामपुर जिला में पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Famous tourist places visit in Balrampur in hindi 

मेरे प्रिय पाठक आपका प्रेम पूर्वक नमस्कार हमारे इस नए लेख में ,दोस्तों इस लेख में हम उत्तर प्रदेश का बलरामपुर जिला में पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी देंगे|  अतः आपसे निवेदन है की संपूर्ण जानकारी के लिए हमारे इस लेख को पूरा अंत तक पढ़ें |

बलरामपुर जिला में पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Famous tourist places visit in Balrampur in hindi 

बलरामपुर जिला में पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Famous tourist places visit in Balrampur in hindi 

बलरामपुर की परिचय - Tourist places in Balrampur in Hindi

दोस्तों बलरामपुर भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला है यह जिला राप्ती नदी के किनारे स्थित है | बलरामपुर जिले का मुख्यालय बलरामपुर में ही है | बलरामपुर जिला को गोंडा जिला से विभाजन करके 25 मई 1997 अलग बनाया गया था | बलरामपुर जिला पड़ोसी देश नेपाल की बॉर्डर से मिलती है | 

  • बलरामपुर जिले में पड़ोसी जिले के नाम श्रावस्ती जिला, गोंडा जिला, सिद्धार्थनगर जिला है| बलरामपुर जिले का मुख्य नदी का नाम राप्ती नदी है |बलरामपुर लखनऊ से 169 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है | बलरामपुर जिला में 3 तहसील 9 ब्लॉक और एक लोकसभा क्षेत्र तथा 4 विधानसभा है | बलरामपुर में बोली जाने वाली भाषा हिंदी, उर्दू और अवधी भाषा है| दोस्तों बलरामपुर चीनी मिल के लिए सबसे ज्यादा फेमस है | 

बलरामपुर के पर्यट स्थल - Balrampur Me Ghumne ki jagah

दोस्तों बलरामपुर में घूमने की जगह सर्च कर रहे हैं तो आप इन जगहों पर अपने सुविधानुसार घूम सकते हैं - 

सुहेलदेव वाइल्ड लाइफ सेंचुरी बलरामपुर - Suhel Dev Wildlife Sanctuary Balrampur in hindi :

  • दोस्तों भारत नेपाल सीमा पर स्थित सुहेलदेव वाइल्ड लाइफ सेंचुरी दुनिया के खूबसूरत जंगलों में से एक है | दोस्तों सुहेलदेव वाइल्ड लाइफ सेंचुरी उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिला बलरामपुर जिला तथा गोंडा जिला के अंतर्गत आता है | सुहेलदेव को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी 1988 में घोषित किया गया था | सुहेलदेव जंगल लगभग 452 वर्ग किलोमीटर में फैला है | 
  • यह वाइल्ड लाइफ सेंचुरी नेपाल में महादेव पूरी जंगल के साथ भी जुड़ा हुआ है | इस जंगल में लाखों प्रकार की प्रजातियां देखने को मिल जाती है | दोस्तों सुहेलदेव वाइल्ड लाइफ सेंचुरी श्रावस्ती से 52 किलोमीटर है तथा बलरामपुर जिला से लगभग 56 किलोमीटर है | 

जयाप्रभा ग्राम बलरामपुर - Jayprabha Gram Balrampur in hindi : 

  • दोस्तों नानाजी देशमुख द्वारा गोंडा बलरामपुर रास्ते पर जिला की सीमा पर वर्ष 1978 में लगभग 50 एकड़ क्षेत्रफल में जयप्रभा ग्राम बसाया गया | नानाजी देशमुख का सपना था कि इस गांव को आदर्श गांव के रूप में विकसित करना और वह चाहते थे कि इसी मॉडल पर देश के सभी गांवों को विकास किया जाए | इस 50 एकड़ भूमि में फैले ग्राम में आयुर्वेदिक अस्पताल ,नर्सरी से लेकर इंटर कॉलेज,पोस्ट ऑफिस, बैंक, टेलीफोन कार्यालय कई सारी सुविधाएं हैं | यहां के जड़ी बूटियों से औषधि भी बनाई जाती है | इस गांव में भूगर्भ जल का स्तर बनाए रखने के लिए एक बड़ा सा तालाब का निर्माण किया गया है |
  • बलरामपुर से जयप्रभा ग्राम की दूरी लगभग 17 किलोमीटर है तथा गोंडा से 28 किलोमीटर की दूरी पर है| दोस्तों अगर आप बलरामपुर ,गोंडा या श्रावस्ती में है तो जय प्रभा ग्राम आप जरूर जाइए यहां पर कई प्रकार की जड़ी बूटियों से कई प्रकार की दवाइयां बनाई जाती हैं |

कोइलाबास बलरामपुर - Koylabas Balrampur Nepal in hindi:

  • दोस्तों कोईलाबास एक प्राकृतिक जगह है यह नेपाल में पड़ता है इसकी दूरी बलरामपुर से लगभग 56 किलोमीटर है | यदि आपको जाना है तो बलरामपुर से तुलसीपुर फिर तुलसीपुर से कोईलाबास नेपाल जा सकते हैं | दोस्तों आपको इस जगह पर पहाड़ों के बीच नदी पर झूला वाला पुल देखने को मिलता है|पुल मोटे-मोटे तारों की मदद से बनाया गया है | 

बिजली पुर मंदिर बलरामपुर - Bijlipur Mandir Balrampur in hindi :

  • दोस्तों बिजलेश्वरी देवी मंदिर स्थानीय लोगों में बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है | यह मंदिर बलरामपुर क्षेत्र में स्थित है जो हम लोगों के बीच में बिजलीपुर के नाम से जाना जाता है | यह मंदिर को 19वीं शताब्दी में बलरामपुर के महाराजा द्वारा बनवाया गया था | जो यह लाल बलुआ पत्थर और एक जटिल नक्काशी का एक अच्छा उदाहरण है | दोस्तों इस मंदिर के अंदर कोई भी मूर्ति नहीं रखा है | यह बलरामपुर शहर से इस मंदिर की दूरी लगभग 6 किलोमीटर है | 

देवीपाटन मंदिर तुलसीपुर बलरामपुर - Devi Patan Mandir Tulsipur Balrampur in hindi : 

  • दोस्तों जिला मुख्यालय से लगभग 27 किलोमीटर की दूरी पर तुलसीपुर में बलरामपुर का सबसे प्रसिद्ध मंदिर है जिसे देवीपाटन के नाम से जाना जाता है | पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है | इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि जब भगवान शिव अपनी पत्नी सती की लाश को लेकर जा रहे थे तभी सती का कंधा यहां गिर गया था | दोस्तों इस जगह पर भारत और नेपाल से लाखों की संख्या में यहां श्रद्धालु आते हैं | दुर्गा पूजा के समय यहां पर भव्य आयोजन किया जाता है |
  • यहां पर बने मंदिरों के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण राजा विक्रमादित्य ने करवाया था और बाद में 11वीं शताब्दी में श्रावस्ती के राजा सुहेलदेव ने इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया | 

बलरामपुर कैसे पहुंचे - How to reach Balrampur in hindi :

  • यदि आप बलरामपुर जाना चाहते हैं तो यहां पर आप गोंडा ,श्रावस्ती , लखनऊ से आसानी से आ सकते हैं | बलरामपुर का नजदीकी एयरपोर्ट लखनऊ है | बलरामपुर रेलवे स्टेशन गोंडा रेलवे लाइन पर स्थित है |