चंडी देवी की यात्रा करने की जानकारी - Chandi Devi Temple Haridwar In Hindi

सभी पाठकों को हमारा नमस्कार। आज हम अपने इस लेख के जरिये आपको हरिद्वार में स्थित चंडी देवी मंदिर की सैर कराएँगे साथ ही संपूर्ण जानकारी भी आपके साथ साँझा करेंगे। इस अद्भुत और प्रसिद्ध शक्तिपीठ की सैर और संपूर्ण जानकारी के लिए लेख को अंत तक ज़रूर पढ़ियेगा।

चंडी देवी की यात्रा करने की जानकारी - Chandi Devi Temple Haridwar In Hindi
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चंडी देवी घूमने की जानकारी - Chandi Devi Gumne Ki Jankari :

  • चंडी देवी हरिद्वार में है | यह मंदिर शिवालिक की पहाड़ियों के नील पर्वत पर विराजमान है। पर्वत पर विराजमान चंडी देवी मंदिर हिन्दू धर्म के 52 शक्तिपीठों में से एक है और बड़ा ही प्राचीन मंदिर है जिस कारण ये मंदिर श्रद्धालुओं के बीच बहुत प्रसिद्ध है। दूर-दूर से श्रद्धालु माँ चंडी देवी के मंदिर में अपनी मनोकामना लेकर आते हैं।
  • इसके आलावा यह मंदिर पहाड़ पर और जंगलों के बीच स्थित है जिस कारण लोग यहाँ के वातावरण का आनंद उठाने भी इस जगह पर आते हैं।

चंडी देवी मंदिर का इतिहास - History of Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi : 

  • चंडी देवी मंदिर की स्थापना 1929 ई. में कश्मीर के राजा सुचेत के द्वारा कराई गई थी। लेकिन साथ इस मंदिर को लेकर यह भी माना जाता है कि 8वीं शताब्दी के हिन्दू धर्म के आदि आचार्य ‘शंकराचार्य’ ने इस स्थान पर माँ चंडी देवी की मूर्ति स्थापित की थी।

चंडी देवी मंदिर से संबंधित कथाएं - Story About Chandi Devi Temple In Hindi :

  • जब राक्षसों के राजा चंड-मुंड ने इंद्र को स्वर्ग से निकाल दिया और संपूर्ण देव लोक पर कब्ज़ा किया तब देवताओं की स्तुति पर माँ दुर्गा ने रूद्र रूप वाली चण्डिका देवी का रूप धरा और उन राक्षसों का वध करने निकली।इसी नील गिरि पर्वत पर माँ रूद्र रूपी चण्डिका देवी ने भयंकर रूप से क्रुद्ध होकर उन दोनों राक्षसों का वध किया और इस स्थान पर कुछ समय के लिए विश्राम किया।

चंडी देवी मंदिर के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य - Important Facts of Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi : 

  • चंडी देवी मंदिर उत्तराखंड के हरिद्वार में स्थित है जो पहले अपनी पहाड़ी सुन्दरता के लिए जाना जाता है। जिस कारण चंडी देवी मंदिर के आस-पास का वातावरण भी बहुत सुंदर है।
  • चंडी देवी मंदिर जमीन से लगभग 9500 फीट की ऊँचाई पर स्थित है। जिसकी पैदल यात्रा लगभग 3 कि.मी की है जिसमें 1 घंटे का समय लगभग लग जाता है।
  • माँ के मंदिर की चढ़ाई का मार्ग बड़ा खड़ा और ढलान वाला है। लेकिन ये पूरा रास्ता जंगल से होकर निकलता है। जंगल के बीच होने के कारण चढ़ाई का सफ़र बड़ा ही सुहावना होता है।
  • मंदिर परिसर में ऊपर पहुँचने के बाद आप वहाँ से पूरा हरिद्वार और माँ गंगे का अद्भुत नजारा भी देख सकते हैं जो सच में बहुत खुबसूरत होता है।
  • ऊपर मंदिर परिसर में आपको सभी प्रकार की सुविधाएँ भी मिलती हैं क्योंकि वहाँ प्रसाद वालों की दुकानों से लेकर अन्य खाने-पीने की दुकानें भी मौजूद हैं। जहाँ आप दर्शन के पश्चात कुछ खा सकते हैं और साथ ही कुछ देर विश्राम भी कर सकते हैं।

चंडी देवी मंदिर में पूजा करने का समय - Chandi Devi Pooja Timing In Hindi :

  • चंडी देवी मंदिर सुबह 5 बजे से रात के 8 बजे तक खुलता है। और यहाँ सुबह शाम दो टाइम आरती होती है। ऐसा माना जाता है कि रोज़ रात जंगल का राजा शेर माँ के दर्शन करने इस मंदिर में आता है जिस कारण रात में इस मंदिर में कोई नहीं होता।
  • नवरात्री, चौसठी और नवमी वाले दिन इस मंदिर में विशेष भीड़ और रौनक होती है। जिस कारण मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है।

चंडी देवी उड़न खटोला - Rope Way of Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi : 

  • मेरे प्रिय यात्रीगण यदि आप मंदिर की दर्शन पैदल मार्ग जाने में असमर्थ है तो आप उड़न खटोला के माध्यम से माता का दर्शन करने जा सकते हैं | नाजियाबाद रोड़ के गौरी शंकर मंदिर से चंडी देवी मंदिर के लिए भी रोप-वे यात्रा की सुविधा उपलब्ध है।
  • रोप-वे द्वारा चंडी देवी मंदिर का यात्रा मार्ग 740 मी. का है और जहाँ से आगे की यात्रा आपको पैदल करनी होती है। उड़न खटोला की सुविधा फरवरी से अक्टूबर महीने तक रहती है क्योंकि इस समय सर्दी कम होती है, और पहाड़ों पर बर्फबारी या बरसातों का भी कोई डर नहीं होता। 

चंडी देवी उड़न खटोला टिकट प्राइस - Chandi Devi Rope Waye Price : 

  • चंडी देवी मंदिर तक उड़न खटोले का यात्रा टिकट 163 रूपये मात्र है। वैसे ये टिकट रेट बदलता रहता है। साथ ही यहाँ पर एक संयुक्त टिकट की सुविधा भी उपलब्ध है, जहाँ मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर दोनों का यात्रा टिकट 263 रूपये मात्र है और ये संयुक्त टिकट 3 दिनों तक मान्य है।

चंडी देवी मंदिर जाने वाले यात्रियों के लिए कुछ जरुरी टिप्स - Tips for Tourist Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi :

  • चंडी देवी मंदिर की चढ़ाई लगभग 3 कि.मी. की है और रास्ता बड़ा खड़ा और ढलानदार है, इसलिए जिन भी यात्रियों की बी.पी. , शुगर, या साँस की तकलीफ हो वो लोग रोप-वे मार्ग ले लें या धीरे-धीरे चढ़ाई करें।
  • चंडी देवी की चढ़ाई लगभग 1 घंटे की पैदल यात्रा है। 
  • यदि कोई स्त्री गर्भवती है तो वह भी चंडी देवी मंदिर की चढ़ाई करते हुए सावधानी बरते।
  • चंडी देवी मंदिर पहाड़ की चोटी पर स्थित है जिस कारण आस-पास गहरी खाई और चट्टानें हैं जिस कारण बच्चों और बूढ़ों का विशेष ध्यान रखें।
  • चंडी देवी मार्ग में आपको कोई खाने पीने की सुविधा नहीं मिलेगी इसलिए कम से कम पानी की बोतल अपने साथ अवश्य रखें, जो गला सूखने या साँस टूटने पर काम आएगी।
  • चंडी देवी मंदिर का रास्ता जंगल से होकर जाता है, जिस कारण लंगूर, बंदर यहाँ आम जानवर हैं जिन से आप अपने सामान की देखभाल जरुर करें।
  • चंडी देवी की यात्रा करने के लिए लगभग 2 से 3 घंटे का समय आपको लग सकता है।
  • कुछ लोग इस रास्ते पर बाइक लेकर भी जाते हैं लेकिन जो लोग बेहतर चलाना जानते हों केवल वहीं ऐसा करें वो भी मात्र अकेले ही बाइक यात्रा करें, किसी को पीछे न बिठाए क्योंकि रास्ता बहुत कठिन है।

चंडी देवी मंदिर के आस-पास घूमने वाले अन्य पर्यटक स्थल - Other Tourist Spots Near To Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi :

  • चंडी देवी मंदिर हरिद्वार में स्थित 3 शक्तिपीठों में से एक है बाकी दो हैं माया देवी मंदिर और मनसा देवी मंदिर, है जो चंडी मंदिर से नजदीक ही हैं। इसके अलावा माँ अंजना का मंदिर, गौरी-शंकर मंदिर, राजा दक्ष मंदिर, नीलकंठ मंदिर आदि स्थित हैं। इसलिए जब आप चंडी देवी की यात्रा पर जाते हैं तो आप इन स्थानों की यात्रा भी कर सकते हैं। 

चंडी देवी मंदिर कैसे पहुँचे - How to Reach Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi :  

प्रिय यात्रीगण जैसे ही आप हरिद्वार पहुँच जाते हैं, हर की पौड़ी से चंडी देवी मंदिर मात्र 2 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। आप चाहे तो पैदल यात्रा भी कर सकते हैं और रो-वे की सुविधा का आनंद भी उठा सकते हैं। 

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