Places in Jaipur for fun - जयपुर में  घूमने की जगह

मेरे प्रिय पाठक आपका प्रेम पूर्वक नमस्कार हमारे इस नए लेख में जयपुर घूमने की संपूर्ण जानकारी देंगे अतः आपसे अनुरोध है कि हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें|

Places in Jaipur for fun - जयपुर  में  घूमने की जगह
Nature

Best Places To Visit in Jaipur in Hindi -

जयपुर, राजस्थान का सबसे बड़ा शहर है, जो राजस्थान की राजधानी होने के साथ यहाँ के महलों और पुराने घरों के गुलाबी धौलपुरी पत्थरों से बने होने के कारण पिंक सिटी कहलाता है। यह शहर भारत की वास्तुकला और विरासत की अद्भुत धरोहर है। यहाँ के वीरता के किस्सों को सुनना, राजसी इमारतों, किलों, और महलों को देखना एक अनोखा अनुभव तो है ही साथ ही रोचक भी है। जो हमें आकर्षित और अचंभित दोनों कर सकता है। यूँ तो राजस्थान और उसके सभी शहर अपनी मेहमाननवाज़ी के लिए मशहूर हैं, लेकिन जयपुर के रजवाड़ों की शान और यहाँ की खातिरदारी का लुफ्त उठाना एक अलग ही अनुभव देता है।

जयपुर का इतिहास - Jaipur History in Hindi

1728 ई. में जयपुर की स्थपना की गई थी। माना जाता है कि जब महाराजा सवाई जयसिंह को मीलों के दायरे में फ़ैली अपनी रियासत संभालने और सुचारु राजकाज संचालन के लिये आमेर छोटा लगने लगा तब उन्होंने नई राजधानी के रूप में जयपुर के निर्माण पर विचार किया और उन्हीं के नाम पर इस नगर का नामकरण किया गया। 

कहा जाता है कि जयसिंह को औरंगज़ेब ने 1667 ई. में ज़हर देकर मरवा डाला था। 1699 ई. से 1743 ई. तक आमेर पर जयसिंह द्वितीय का राज्य रहा। नगर को परकोटे और सात प्रवेश द्वारों से सुरक्षित बनाया गया। चौपड़ के नक्शे के अनुसार ही सड़कें बनवाई गई। पूर्व से पश्चिम की ओर जाने वाली मुख्य सड़क 111 फुट चौड़ी रखी गई और कई गलियाँ चौड़ाई में आधी हैं जो 24 फुट हैं। 

List of Places in Jaipur for fun 

1. जयपुर का हवा महल - Jaipur Ka Pramukh Hawa Mahal in Hindi-

  • हवा महल या ‘पैलेस ऑफ़ विंड्स’ नाम से जाने जाना वाला ये महल विश्व के सबसे बड़े महलों में गिना जाता है जो जयपुर के प्रमुख मार्ग ‘बड़ी चौपाड़’ पर स्थित है। 1799 में महाराजा सवाई प्रताप सिंह के द्वारा बनाए गए इस महल के नाम में ही इसकी रोचकता छुपी है। बिना किसी आधार के बने इस महल में 5 मंजिलें हैं जो पिरामिड के आकार की हैं और अपने आधार से 50 फीट ऊँची हैं। 

  • गुलाबी और लाल पत्थरों से बने इस महल में लगभग 953 खिड़कियाँ हैं जो जालीनुमा होने साथ बारीक और ललित कलाकृतियों से सजाई गई हैं। कहा जाता है कि इन खिड़कियों से राजसी महिलाएँ सड़क पर हो रहे उत्सव तो देख सकती थीं लेकिन कोई उन्हें नहीं देख सकता था। जो भारत की पर्दा प्रथा का प्रमुख नमूना है। इन खिड़कियों से आने वाली हवा महल को ठंडा रखती है। 
  • मुगल और राजपूत वास्तुशिल्प से बने इस महल में प्रवेश द्वार सामने नहीं बल्कि पीछे की तरफ और ऊपरी मंजिलों में जाने के लिए कोई सीढ़ी नहीं बल्कि ढालूदार रास्ता है। महल में छोटा संग्राहलय भी है जो समृद्ध अवशेषों और लघु चित्रों से सजा है जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। महल का एंट्री टिकट भारतीयों के लिए 50 और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 रूपये है। यहाँ एक कम्पोजिट टिकट की व्यवस्था भी उपलब्ध है जिससे 2 दिन तक आप हवा महल और उसके आस-पास के स्थलों पर घूम सकते हैं।

          

2. जयपुर का फेमस सिटी पैलेस - Jaipur Ka Famous City Palace in Hindi-

  • राजपूत, मुगल और यूरोपियन शैलियों के अतुल्य मिश्रण से बने इस पैलेस को महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय ने 1729 से 1732 ई. में जयपुर के केंद्र में बनवाया था।  इसके खूबसूरत और आलिशान दिखने वाले परिसर में कई विशाल इमारतें, आंगन और आकर्षक और सुंदर बाग़ हैं, जिनमें चन्द्र महल, प्रीतम निवास चौक, दीवान-ए-खास, दीवान-ए-आम, महारानी पैलेस, भग्गी खाना, गोविन्द देव जी मंदिर और मुबारक महल आदि शामिल हैं। 

  • महल के छोटे से हिस्से को संग्रहालय और आर्ट गैलेरी में बदला गया है जिसमें राजसी विरासत की निशानियाँ और कई कीमती वस्तुओं को संरक्षित रखा गया है। सिटी पैलेस में तीन दरवाजों में से दो (वीरेंद्र पोल और उडई पोल) जनता के लिए खुले रहते हैं। सिटी पैलेस के वास्तुशिल्प को देखने का टिकट भारतीयों के लिए 100 और विदेशियों के लिए 400 रूपये है।

  

3. जयपुर का संग्राहलय अल्बर्ट हॉल - Jaipur Ka Kala Sangrahalay Albert Hall in Hindi-

  • भारत-अरबी शैली में बना यह संग्रहालय राजस्थान का सबसे पुराना और प्रसिद्ध संग्राहलय है जो राम निवास उद्यान के बाहरी और सीटी वॉल के सामने स्थित है। माधोसिंह द्वितीय के निर्णय पर इसे जयपुर के कला संग्रहालय के रूप में तब्दील किया गया जिसे ‘सरकारी केन्द्रीय संग्रहालय’ के नाम से भी जाना जाता है। 

  • अल्बर्ट हॉल की डिजाइनिंग सर सैम्यूल ने 1887 में की थी, जब वह भारत दौर पर आए थे और तब इस हॉल को एक पब्लिक संग्रहालय के रूप में खुला था। सुंदर बाग़-बागानों से सजे इस संग्रहालय में देश-विदेश से आयीं विभिन्न क्षेत्रों की ऐतिहासिक, बहुमूल्य और कीमती वस्तुएँ और कलाकृतियाँ संग्रहित हैं। जिनमें पुराने चित्र  दरियाँ, हाथी दांत कीमती पत्थर,धातु मूर्तियां रंगबिरंगी कई वस्तुएँ यात्रियों के आकर्षण का केंद्र हैं। 

 

4. पिंक सिटी का पीला किला नाहर गढ़ - Jaipur Ka Pila Kila Nahar Garh in Hindi-

  • अरावली की हिल पर स्थित जयपुर के इस किले को राजा सवाई जय सिंह ने 1734 में बनाया था जिसे बाद में 1864 में विस्तर दिया गया। किले में एक विशाल इमारत है जिसे माघवेन्द्र महल के नाम से जाना जाता है। किले की आंतरिक साजों-सजावट खूबसूरत चित्रों और स्टको डिज़ाइन से की गई है। इसमें राजपूताना रानियों के लिए नौ महल और उसके समकक्ष एक ‘मर्दाना महल बनाया गया है’। कला, सुंदरता और संस्कृति में प्रतीक इस किले में एक बावड़ी और बायोलॉजिकल पार्क भी है। हिंदी फिल्म रंग दे बसंती और शुद्ध देसी रोमांस के कुछ दृश्य नाहरगढ़ किले में ही शूट किये गये हैं। 

 

5. जयपुर का जंतर-मंतर - Jaipur Ka Jantar Mantar in Hindi-

  • यूनेस्को के 'विश्व धरोहर सूची' में सम्मिलित जयपुर का जंतर-मंतर रीगल शहर में सिटी पैलेस के पास स्थित है जिसका निर्माण राजा सवाई जय सिंह ने 1727-33 में किया था। इस जंतर-मंतर में एक खगोलीय वेधशाला हैं जिसमें 14 प्रमुख यन्त्र हैं जो सौरमंडल के ग्रहों और अन्तरिक्ष आदि की जानकारी इकट्ठा करने में सहायक हैं। इन खगोलीय उपकरणों ने दुनिया भर के खगोलविदों और आर्किटेक्चरों को अपनी ओर आकर्षित किया। इस ज्ञानवर्धक और अचंभित क्षेत्र की एंट्री टिकट भारतियों के लिए 40 और विदेशी पर्यटकों के लिए 200 रूपये है।

 

6. जयपुर का गलताजी मंदिर - Jaipur Ka Famous Galtaji Mandir in Hindi-

  • जयपुर के गलवार बाग में गुलाबी बलुआ पत्थरों से बना गलताजी का मंदिर, जयपुर का रमणीय पर्यटक स्थल है। मंदिर की दीवारों, गोल छतों और स्तंभों को बारीक नक्काशी और सुंदर चित्रों से सुसज्जित है। इसके विशाल परिसर में हिंदू तीर्थयात्री पवित्र झरनों और जलाशयों में स्नान करने आते हैं। गलताजी के क्षेत्र के आस-पास प्राकृतिक झरनों के 7 पूल हैं। 

  • यहाँ का सबसे प्राचीन और पवित्र जलाशय ‘गलता कुंड’ है, ऐसा माना जाता है यह कभी नहीं सूखता। हरे-भरे प्राकृतिक झरनों, जलाशयों के साथ-साथ यहाँ विभिन्न देवताओं और आत्माओं को समर्पित कई अन्य मंदिर हैं। सुंदर कलाकृतियों से सजा यह मंदिर ‘एक हवेली’ जैसा ज्यादा प्रतीत होता है जो पर्यटकों कर आकर्षण का केंद्र है।

 

7. जयपुर का रिजोर्ट चोखी ढाणी - Jaipur Ka Famous Resort Chokhi Dhani in Hindi-

  • जयपुर के बीच स्थित चोखी ढाणी यहाँ का एक मशहूर रिजोर्ट है जिसे 1989 में बनाया गया था। चोखी ढाणी की विशेषता यही है कि 5 स्टार रिसोर्ट होने बावजूद आप यहाँ राजस्थान के गाँव की परम्परा और संस्कृति का आनन्द ले सकते हैं। यहाँ प्राचीन कलाकृतियों, हस्तशिल्प, चित्रकारी, लोककथाओं और मूर्तियों के साथ अलग-अलग लोक नृत्य जैसे कालबेलिया नाच यहाँ सबसे प्रसिद्ध है। 

  • साथ ही आप यहाँ कठपुतली का खेल, कंचे का खेल,  जादू के शो, घुड़सवारी, नौका विहार आदि का भी लुत्फ़ उठा सकते हैं। चोखी ढाणी के भीतर मौजूद हैं एक वैष्णो मंदिर, एक झरना और तेजाजी मंदिर भी है साथ ही एक राष्ट्रीय संग्रहालय भी है जिसमें देश के हर राज्य की संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित किया गया है।

 

8. जयपुर का पहाड़ी किला जयगढ़ - Jaipur Ka Pahadi Kila in Hindi -

  • जयपुर की अरावली हिल पर जयगढ़ किला स्थित है। यह किला महाराजा जय सिंह ने 18वीं सदी में बनवाया था। पहाड़ की चोटी पर होने के कारण इस किले से जयपुर का सुंदर नज़ारा देखा जा सकता है। बाहरी डिजाइनिंग में यह किला बिलकुल आमेर किले के जैसा दिखता है जिसके मध्य में एक खूबसूरत बाग मौजूद है। इस किले में बड़े-बड़े दरबार और हॉल हैं जिनमें पर्देदार खिड़कियां हैं। 

  • साथ ही इस विशाल महल में लक्ष्मी विलास, विलास मंदिर, ललित मंदिर और अराम मंदिर भी हैं। यहां एक संग्रहालय है भी मौजूद है जिसमें पुराने कपड़े, पांडुलिपियाँ, हथियार और राजपूतों की कलाकृतियाँ संग्रहित की गई हैं। साथ ही किले में दुनिया की सबसे बड़ी तोप भी संग्रहित है जिसे देखना एक अनोखा अनुभव होगा। साथ ही इसे विजय किले के नाम से भी जाना जाता है जिसे देखने का टिकट भारतियों के लिए 35 और विदेशी यात्रियों के लिए 85 रूपये है।

 

9. जयपुर का बिरला मंदिर - Jaipur Ka Lakshmi Narayan Mandir in Hindi-

  • प्रसिद्ध लक्ष्मी नारायण मंदिर या बिरला मंदिर के नाम से जाना जाने वाला यह मंदिर जयपुर का प्रमुख केंद्र है जिसकी संरचना 1988 में बिड़ला कंपनी समूह द्वारा की गई थी। मंदिर की तीन गुंबद हैं जो धर्म के प्रति तीन दृष्टिकोणों को प्रस्तुत करती हैं। यह मंदिर सफेद संगमरमर से बना है साथ ही मंदिर की आंतरिक साजो सजावट हिंदू धर्म के कई देवी देवताओं के पौराणिक चित्रों से की गई है। साथ ही मंदिर में एक विशाल संगमरमर दीवार बनाई गई है जिस पर कई ऐतिहासिक और पौराणिक घटनाएँ अंकित की गई हैं। 

 

10. जयपुर की सबसे गहरी चाँद बावड़ी - Jaipur Ki Chaand Bavadi in Hindi -

  • जयपुर के आभानेरी गाँव में चाँद बावड़ी भारत की सबसे सुन्दर और गहरी बावड़ियों में से एक है।  इस बावड़ी का निर्माण निकुम्भ वंश के राजा चंदा या चंद्रा ने 8वीं-9वीं शताब्दी में करवाया था। चाँद बावड़ी अपने तल से 13मी. गहरी है। बावड़ी के तल तक पहुँचती सीढ़ियों की त्रिकोणीय संरचना आपको हैरान कर सकती है जहाँ आपको भगवान गणेश एवं महिषासुरमर्दिनी की भव्य प्रतिमाएं हैं जो इस बावड़ी की सुन्दरता को बढ़ाते हुए मिल सकती हैं। 

 

11. अनोखी नक्काशी से सजा स्वामीनारायण मंदिर - Jaipur Ka Swami Narayan Mandir in Hindi-

  • स्वामीनारायण मंदिर या जयपुर का अक्षरधाम कहलाए जाने वाला मंदिर एक आधुनिक मंदिर है जो हाल ही में 19वीं-20 वीं शताब्दी में बनाया गया था। फिर भी भारतीय मंदिरों की वास्तुकला को दर्शाता यह मंदिर अपनी सुंदर वास्तुकला, सुंदर मूर्तियों और नक्काशियों के लिए पर्यटकों का केंद्र है। यह मंदिर भगवान नारायण को समर्पित है जिनकी मूर्ति को सोने-चांदी के गहनों से सजाया गया है। मंदिर का प्रांगण हरे बागानों और झरनों से घिरा हुआ है। मंदिर की दीवारों पर की गई अनोखी वास्तुकला और बारिक नक्काशी आपको आँखे न हटाने को मजबूर कर सकती है।

 

12. जयपुर का बाजार चाँद पोल - Jaipur Ka Famous Market Chaand Pole in Hindi -

  • चाँद पोल जयपुर का एक खुबसूरत बाजार है जहाँ आप राजपूताना शैली की सुंदर वास्तुकला और राजस्थानी संस्कृति, परम्परा, विरासत को दर्शाती वस्तुओं को देखने और खरीदने का आनंद ले सकते हैं। यह बाजार आपको पूरे राजस्थान की झाँकी प्रस्तुत करेगा। यहाँ की विरासत के अनोखे नमूनों से आपको रु-ब-रु कराएगा। शॉपिंग के शौकीन लोगों के लिए यह बाजार अनोखा और अद्भुत है। 

 

13. जयपुर का कनक वृन्दावन गार्डन - Jaipur Ki Nahar Ghati Mai Basa Kanak Vrindavan Garden in Hindi -

  • जयपुर की खूबसूरती में चार चाँद लगाता कनक वृंदावन बाग, कनक घाटी में नाहरगढ़ पहाड़ी के घने जंगल की तलहटी में स्थित है। माना जाता है यह घाटी अश्वमेघ यज्ञ का स्थान भी रह चुकी है। इस बाग का नामकरण राजा सवाई जय सिंह ने किया था। खूबसूरत लैंडस्केप वाले लॉन, सुंदर फव्वारों, चमचमाती झीलों के साथ यह गार्डन जयपुर के सबसे प्रसिद्ध और सुंदर बागों में एक है। जो पर्यटकों का पिकनिक स्पॉट होने के साथ फ़िल्म शूटिंग का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। 

 

14. जयपुर का रामबाग - Jaipur Ka Rambaag in Hindi -

  • यूँ तो जयपुर के कई बाग़ मशहूर हैं लेकिन जयपुर के शाही उद्यान में से एक रामबाग का निर्माण महाराजा सवाई राम सिंह द्वारा 1868 में करवाया गया था। 30 एकड़ से अधिक भूमि पर फैले इस गार्डन में रविन्द्र मंच थिएटर, जूलॉजिकल गार्डन, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय और आर्ट गैलरी मौजूद है जिसकी सैर का आनंद आप एक साथ कर सकते हैं। साथ ही घुड़सवारी और वन्य जीवन को देखने का भी आनंद उठा सकते हैं, जिसका एंट्री टिकट भारतियों के लिए 10 और विदेशी यात्रियों के लिए 100 रूपये है।

 

15. जयपुर प्राचीन वास्तुकला का केंद्र राज मंदिर सिनेमा - Jaipur Ka Pramukh Raj Mandir Cinema in Hindi-

  • ‘प्राइड ऑफ़ एशिया’ की उपाधि से सम्मानित राज मंदिर सिनेमा हॉल 1976 में बनाया गया था। अपनी प्राचीन वास्तुकला के चलते इसकी अंदरुनी दीवारों पर एक घूमनेवाली पैनल लगी है साथ ही दीवारों पर कलात्मक काम किया हुआ है। जो इस सिनेमा के आकर्षण का मुख्य कारण है। 

 

16. जयपुर का हाथी फार्म ऐलीफेंटास्टिक - Jaipur Ka Hathi Farm in Hindi -

  • जयपुर के आमेर में के.के. होटल के पास स्थित ऐलीफेंटास्टिक यहाँ का एक प्रमुख हाथी फार्म है। इस फार्म में 23 मादा और 1 नर हाथी होता है। राजसी सवारी और शान की सवारी की सुविधा के लिए यहाँ महावत भी मौजूद हैं। साथ ही मेहमानों के लिए रुकने की व्यवस्था भी है। यदि आप जयपुर जाए तो राजसी शान की सवारी ज़रूर करके आए जहाँ जाने का एंट्री टिकट 80 रूपए का है।

 

17. जयपुर की समोदे हवेली या सोमेद पैलेस - Jaipur Ki Pramukh Somed Haweli Ya Somed Palace in Hindi -

  • जयपुर के आकर्षणों में से एक सामोद पैलेस का निर्माण जिसे 19 वीं शती में लगभग 175 साल पहले सामोद के शासकों ने अपने निवास के लिए बनवाया था। मुगल और राजपूत शैलियों से निर्मित यह पर्यटन स्थल कई तरह की कलाकृतियों और चित्रों का अद्भुत केंद्र है जिसे अब एक व्यवस्थित होटल में तब्दील कर दिया गया है। अब इस पैलेस में शादी और पार्टी जैसे आयोजन भी कराए जा सकते हैं। साथ ही यहाँ की व्यवस्था और प्राचीनता के चलते यह यात्रियों का प्रमुख पर्यटन स्थल बना हुआ है।

 

18. जयपुर का एंटरटेनिंग रिजोर्ट सनराइज ड्रीम वलर्ड - Jaipur Ka Famous 5 Star Resort Sunrise Dream World in Hindi-

  • सनराइज ड्रीम वलर्ड या सपनों की धानी कहलाए जाने वाला जयपुर का यह रिज़ॉर्ट 10 एकड़ में फैला पर्यावरण के अनुकूल निर्मित किया गया है। भारत के उत्तरी भाग के पारंपरिक रूप से समृद्ध राज्यों-  राजस्थान, गुजरात और पंजाब की परंपरा के वैभव से मिश्रित एक नई अवधारणा को ध्यान में रख कर इस रिजोर्ट का निर्माण किया गया है ताकि एक ही जगह पर आप इन राज्यों के जातीय स्वाद, खान-पान, संस्कृति और परम्परा का आनंद लिया जा सके। कई एंटरटेनिंग एक्टिविटीज हैं को ध्यान में रख कर रिजोर्ट में स्पा और स्वीमिंग पूल भी है जिसका लुफ्त आप उठा सकते हैं। 

19. जयपुर का सांस्कृतिक त्यौहार पतंग महोत्सव - Jaipur Ka Famous Patang Mahotsav in Hindi -

  • यूँ तो संपूर्ण भारत में मकर संक्रांति पर रंग-बिरंगी पतंगों की धूम होती हैं लेकिन जयपुर में पतंग महोत्सव एक सांस्कृतिक त्यौहार के रूप में मनाया जाता है। जयपुर के पोलैंड ग्राउंड में 14 जनवरी मकर संक्रांति  से तीन दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय पतंग पर्व मनाया जाता है। इस त्यौहार के दौरान तिल लड्डू, तिल भंगुर, घेवर आदि राजस्थान की कुछ लोकप्रिय मिठाइयाँ तैयार की जाती हैं साथ ही कई तरह की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इस त्यौहार में शामिल होने की कोई फ़ीस नहीं है।

 

20. रंगों में रंगा जयपुर का ऐलिफेंट फेस्टिवल - Holi Ke Rang Mai Ranga Jaipur Elephant Festival in Hindi -

  • राजस्थान की राजसी सवारी हाथियों के प्रदर्शन के लिए जयपुर में सवाई मानसिंह स्टेडियम के सामने स्थित पोलो मैदान में ऐलिफेंट फेस्टिवल आयोजित किया जाता है। यह महोत्सव फरवरी या मार्च में रंगों के त्यौहार होली के दिन मनाया जाता है। इस दिन हाथियों को कालीनों, पायल, गहनों से सजाया जाता है। मादा हाथियों के पैर में सुंदर-सुंदर पजेंबे पहनायीं जाती हैं। साथ ही हाथी नृत्य, हाथी पोलो (हाथियों द्वारा हॉकी खेली जाती है) और साथ ही हाथी मार्च का आयोजन भी किया जाता है जिस कारण यह यात्रियों के यहाँ आने का प्रमुख कारण है।   

 

21. जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल - Jaipur Literature Festival in Hindi-

  • जयपुर में 2006 से शुरू किया गया लिटरेचर फेस्टिवल एक वार्षिक साहित्यिक उत्सव है, जो प्रत्येक जनवरी को जयपुर में आयोजित किया जाता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त साहित्यिक उत्सव है जिसमें दुनिया भर के साहित्यकार, कथाकार, कवि, लेखक, शायर, मनोरंजनकर्ता अपनी नवीन किताबों के उद्घाटन से लेकर उन बातचीत करने का सबसे बड़ा मंच है। 

  • यहाँ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर गोष्ठियाँ भी आयोजित की जाती है। डिग्गी पैलेस होटल इस महोत्सव के मुख्य स्थान के रूप में कार्य करता है। आप चाहें तो इस महोत्सव में शामिल हो सकते और अपनी पसंदीदा पुस्तक खरीदने से लेकर उनके लेखकों से मिलने का भी आनंद उठा सकते हैं।

 

22. जयपुर का खाना - Jaipur Ka Famous Food in Hindi -

  • जयपुर शहर अपने प्रमुख पर्यटक स्थलों के साथ एक और चीज के लिए और जाना जाता है और वह है यहाँ का स्वादिष्ट और मनोरम खाना। जयपुर में खाने के लिए दाल-बाटी-चूरमा, मीस्सी रोटी, कीमा बाटी, घेवर, कुल्फी, बाजरे की रोटी, मिर्ची बड़ा, गट्टे की सब्जी, कढ़ी, इमरती, हलवा, चोइर्मा, गजक, मूंग थाल और अन्य बहुत सारी चीजें हैं जो आपके स्वाद का जयाका बढ़ा सकती हैं। 

  • यहाँ का स्थानीय स्ट्रीट फूड मसालेदार, चटपटा, घी से लबालेब होता है। यहाँ के व्यंजनों को चखना मात्र स्वाद नहीं है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक अनुभव है। यहाँ की परंपरा और मेहमानवाज़ी आपको बार-बार इस शहर की ओर आकर्षित करेगी। 

 

23. जयपुर जाने का सबसे अच्छा समय - Best Time To Visit Jaipur in Hindi-

  • नवंबर से मार्च तक का महीना जयपुर और राजस्थान के अन्य सभी पर्यटक स्थलों की यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है जैसा कि आप जानते हैं राजस्थान में गर्मी के समय में बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है तो उस समय जाना परेशानियों से भरा समय होगा |
  • अगर आप जनवरी के समय में जाएंगे तो  इस समय पतंग महोत्सव देखने को मिलेगा |मार्च के महीने में होली से 1 दिन पहले जयपुर में हाथी उत्सव मनाया जाता है इसके साथ ही दिवाली ,तीज ,गणेश चतुर्थी तथा अन्य त्यौहारों पर अत्यधिक उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है |

 

जयपुर कैसे पहुँचे – How To Reach Jaipur in Hind-

  • जयपुर जाने के लिए आप अपने सुविधानुसार बस - ट्रेन तथा हवाई जहाज का उपयोग कर सकते हैं |


जयपुर हवाई जहाज से कैसे पहुंचे – How To Reach Jaipur By Flight in Hindi-

  • जयपुर का हवाई अड्डा शहर से 7 किलोमीटर( घरेलू टर्मिनल )और 10 किलोमीटर (अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल )सांगानेर में है जयपुर भारत के सभी प्रमुख हिस्सों के साथ-साथ कुछ प्रमुख विदेशी देशों से भी जुड़ता है जयपुर एयरपोर्ट से दिल्ली जोधपुर उदयपुर औरंगाबाद हैदराबाद गोवा तथा अन्य मुख्य शहरों के लिए दैनिक घरेलू उड़ानों की सुविधा है|

 

जयपुर ट्रेन से कैसे पहुंचे हैं - How To Reach Jaipur By Train in Hindi-

  • जयपुर भारतीय रेलवे के माध्यम से भारत के लगभग सभी मुख्य हिस्से से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। जयपुर से कई सारी ट्रेनें दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, आगरा, कोटा, अलवर, जोधपुर, अलवर, अजमेर, कोटा, चित्तौड़गढ़, बीकानेर, उदयपुर, बाड़मेर, जम्मू, बीकानेर, जैसलमेर, कोलकाता, लुधियाना, पठानकोट, हरिद्वार से जोड़ती हैं , इंदौर, ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर, रुड़की, और कानपुर। 

जयपुर बाय रोड कैसे पहुंचे - How To Reach Jaipur By Road in Hindi-

  • जयपुर का राष्ट्रीय राजमार्ग 8 ,11 और 12 नेटवर्क के थ्रू भारत के सभी मुख्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा है |राजस्थान परिवहन द्वारा जयपुर और दिल्ली के बीच एक बहुत ही अच्छी बस सेवा भी उपलब्ध है |यहां पर दोनों तरफ से लगभग आधे- आधे घंटे में बस चलाई जाती है यहां से आपको एसी और नॉन एसी वोल्वो बस आसानी से मिल जाती हैं |जयपुर में आप नारायण सिंह सर्कल या मुख्य सिंधी कैंप बस स्टैंड से आप बस पकड़ सकते हैं तथा दिल्ली में आप पंडारा रोड पर बीकानेर हाउस से बस ले सकते हैं यह इंडिया गेट के बगल में है |
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