कुल्लू मनाली हिमाचल प्रदेश के पर्यटक - Best Kullu Manali tourist places in Hindi

मेरे प्रिय पाठक आपका प्रेम पूर्वक नमस्कार हमारे इस नए लेख में, इस लेख में हम कुल्लू और मनाली यात्रा की संपूर्ण जानकारी देंगे अतः आपसे अनुरोध है कि हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें | 

कुल्लू मनाली हिमाचल प्रदेश के पर्यटक - Best Kullu Manali tourist places in Hindi
कुल्लू मनाली हिमाचल प्रदेश के पर्यटक - Best Kullu Manali tourist places in Hindi
Nature

कुल्लू मनाली में घूमने की जगह - About Kullu Manali in Hindi :

  • हिमाचल प्रदेश के दो प्रसिद्ध शहर कुल्लू और मनाली बर्फ से घिरी हुई पहाड़ियों के लिए बेहद प्रसिद्ध हैं। 
  • दूर-दूर से पर्यटक इन दोनों स्थलों की बर्फबारी का खूबसूरत नजारा देखने आते हैं। यहां की ठंडक में एक प्रकार की ताजगी है। 
  • हिमाचल प्रदेश के यह दोनों हिल स्टेशन, कुल्लू और मनाली पर्वतारोहण, ट्रैकिंग, क्लिफ जंपिंग इत्यादि के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। 
  • देवदार के घने जंगलों से घिरे यह दोनों हिल स्टेशन शिमला से 250 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। 
  • कुल्लू और मनाली हरे भरे देवदार के जंगल, पहाड़ और सेब के बागों के लिए जाना जाता है।
  • पौराणिक तथ्यों के अनुसार, कुल्लू और मनाली दो बेहद प्राचीन शहरों में से एक हैं।
  • मनाली,यह नाम पौराणिक मान्यता के अनुसार प्रथम पुरुष मनु के नाम पर रखा गया है। 
  • मनाली को प्रायः 'मनु अल्लाया' के नाम से जाना जाता है जिसका अर्थ है मनु का निवास स्थान।
  • मनाली तीन निकटवर्ती पहाड़ों का एक समूह है यहां पर मौजूद है मनु का मंदिर और हिडिंबा देवी का मंदिर। 
  • इन दोनों ही हिल स्टेशनों को यूरोपीय ढांचे के आधार पर निर्मित किया गया है। 
  • औपनिवेशिक काल में अंग्रेजों के आगमन के बाद ही इन दोनों स्थलों को हिल स्टेशन में तब्दील किया गया इसलिए पर्यटक यहां पाएंगे कि यहां की अधिकांश जगहें, यूरोपीय वस्तु कला से काफी मेल खाती हैं। 
  • यदि बात करें कुल्लू की तो यहां कुल्लू में पर्यटक एडवेंचर स्पोर्ट्स, पैराशूटिंग, पैराग्लाइडिंग, रोपवे, ट्रैकिंग इत्यादि करने के लिए आते हैं

कुल्लू और मनाली के बीच की दूरी - Distance between Kullu and Manali in Hindi :

  • कुल्लू और मनाली के बीच की दूरी कुल्लू और मनाली के बीच 40.1 किलोमीटर की दूरी है। 
  • पर्यटक यहां रोड मार्ग के जरिए लगभग 1 घंटे में पहुंच सकते हैं एन एच 3 वाया कुल्लू, नग्गर मनाली रोड से होते हुए हम कुल्लू से मनाली पहुंच सकते हैं। 
  • तो आइए जानते हैं कुल्लू मनाली के शहर में बसी ताजगी को और करीब से।

कुल्लू और मनाली के मुख्य पर्यटक स्थल :

अत्यंत खूबसूरत, रोहतांग दर्रे - Very beautiful, Rohtang Pass :

  • कुल्लू मनाली में स्थित रोहतांग पास एक बेहद सुंदर हिल स्टेशन है। यह कुल्लू बस स्टैंड से 92 किलोमीटर और मनाली से 51 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
  • रोहतांग पास में घूमने के लिए सबसे उपयुक्त समय जून से अक्टूबर का है। इस समय में पर्यटक पैराशूटिंग की भी मजा ले सकते हैं। 
  • यदि आप सर्दियों के मौसम में घूमना चाहते हैं तो आपको स्नोफॉल का एक उत्तम नजारा यहां देखने को मिल सकता है।

स्नो पॉइंट, सोलंग घाटी - Snow Point, Solang Valley :

  • सोलंग घाटी एक स्नोपाइंट है जहां पर अधिकांशतः स्पोर्ट्स और एडवेंचरस गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। 
  • यह कुल्लू से 51 किलोमीटर और मनाली से एक 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह घाटी 300 मीटर ऊंची है। 
  • यहां पर होने वाली गतिविधियों में शामिल हैं- पैराशूटिंग, पैराग्लाइडिंग, ज़ोरबिंग, रोपवे, ट्रैकिंग, क्लिफ जंपिंग इत्यादि। 
  • यहां पर हर साल मनाए जाने वाला विंटर स्कीम फेस्टिवल बेहद प्रसिद्ध है जिसका आयोजन जनवरी से मार्च के बीच में होता है। 
  • इसके अतिरिक्त इस घाटी में एक पिकनिक स्पॉट भी मौजूद है जिसका नाम है जीपावोल रोड।

■  धार्मिक स्थल, हिडिंबा मंदिर - Religion Place Hidimba Devi Temple :

  • हिडिंबा देवी का मंदिर कुल्लू मनाली की प्राचीनता को दर्शाता है। इस मंदिर का निर्माण 1533 में किया गया था। 
  • हिडिंबा देवी भगवान हिडिम्ब की बहन थी। इस मंदिर की भव्यता और सुंदरता देखते ही बनती है। 
  • इसमें पारंपरिक शिमला वस्तु कला की झांकी स्वतः ही देखने को मिल जाती है। 
  • ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण करवाने वाले राजा ने उन सभी कारीगरों के हाथ कटवा दिए जो इस मंदिर के निर्माण में शामिल थे। जिससे कि कोई दूसरा अन्य मंदिर इसकी सुंदरता की बराबरी न कर सके। 
  • अतः इसकी सुंदरता के चलते यह मंदिर और भी प्रसिद्ध हो जाता है।

प्रसिद्ध,  तिब्बती मठ - Famous Tibetan Monasteries :

  • हिमाचल प्रदेश, यह संपूर्ण राज्य इतिहास से ही तिब्बती प्रांत के लोगों के लिए एक आश्रय स्थल रहा है। इसके चलते यहां की संस्कृति भी तिब्बती संस्कृति से काफी प्रभावित हुई है।
  • इसके चलते यहां पर कई सारे बौद्ध मठ विस्थापित हुए हैं। इनमें से अधिकांश बौद्ध मठ कुल्लू मनाली में मौजूद हैं। कुछ महत्वपूर्ण बौद्ध मठ हैं- बुद्धिस्ट मॉनेस्ट्री, हिमालयन नियंनमापा, तिब्बतन बुद्धिस्ट मॉनेस्ट्री, वन नगरी मोनास्ट्री इत्यादि। 
  • इनमें से कई बौद्ध मठ तो आज होटल और रेस्तरां के रूप में तब्दील कर दिए गए हैं जबकि कुछ आज भी उसी पारंपरिक बौद्ध मठ का रूप धारण किए हुए हैं जिस रूप में वह निर्मित किए गए थे। 
  • अतः पर्यटक यहां आकर स्वतः ही बौद्ध और तिब्बती माहौल को अनुभव कर पाएंगे।

पवित्र, व्यास नदी - Beas River :

  • कुल्लू मनाली की व्यास नदी एक बेहद पवित्र नदी मानी जाती है। यह 470 किलोमीटर लंबी नदी है। 
  • पंजाब की पांच प्रमुख नदियों में से एक नदी व्यास नदी भी है। 
  • इस नदी का पुराना नाम विपाशा अथवा अर्जीकिया भी था। 
  • मनाली से शुरू होती यह नदी, कुल्लू में व्यास कुंड से जा मिलती है। यह व्यास कुंड, महाभारत के रचयिता ऋषि व्यास के नाम पर जाना जाता है। 
  • ऐसा माना जाता है कि महर्षि व्यास ने यहां पर आकर स्नान किया था। 
  • व्यास नदी के इस कुंड के संबंध में यह धारणा प्रचलित है कि यहां पर स्नान करने से त्वचा संबंधी सभी रोग दूर हो जाते हैं। 
  • अतः दोस्तों आप यदि कुल्लू मनाली आएं तो इस नदी की पवित्रता को यहां आकर जरूर महसूस करें।

यूनेस्को विश्व विरासत स्थल, ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क - UNESCO World Heritage Site Great Himalayan National Park :

  • विश्व की कई लुप्तप्राय प्रजातियां हिमालयन नेशनल पार्क का हिस्सा है। 
  • इस नेशनल पार्क में 300 से भी अधिक स्थानिक और विदेशी वनस्पति एवं जीव शामिल हैं। 
  • इस नेशनल पार्क में चार घाटियां मौजूद हैं 
  • साथ ही यहां पर 30 स्तनधारी प्रजातियां भी पाई जाती हैं। 
  • विश्व का बेहद प्राचीन विलुप्त प्राय पक्षी वेस्ट ट्रगोपन भी हिमालयन नेशनल पार्क में ही पाया जाता है। 
  • अतः यहां की हरियाली और जैव विविधता के कारण  पर्यटक आकर्षित हो यहां खिंचे चले आते।

प्राकृतिक दृश्य से घिरा, गुलाबा - Surrounded by Nature Gulaba :

  • गुलाबा, कुल्लू मनाली का बेहद प्रसिद्ध गांव है। यह मनाली से 27 किलोमीटर और रोहतांग पास से  25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 
  • इस गांव का निर्माण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के तहत बनवाया गया था। 
  • इसका निर्माण पर्यटन की सभी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ही करवाया गया। 
  • इस गांव का नाम गुलाबा कश्मीर के राजा गुलाब सिंह के नाम पर रखा गया है। 
  • यह गांव एक लुभावने बर्फीले क्षेत्र के रूप में बेहद प्रसिद्ध है। 
  • यहां पर आकर पर्यटक कई स्पोर्ट्स गतिविधियां कर सकते हैं जिनमें बाइकिंग और स्नो स्कूटर राइडिंग शामिल हैं। तो एक अदभुत और रोमांचक सफर के लिए गुलाब कुल्लू मनाली का यह गांव बहुत महत्वपूर्ण बन जाता है।

■  हिंदुओं और सिखों का एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल, मणिकरण - Important Pilgrimage site for both Hindus and Shikh - Manikaran :

  • विश्व का सर्वाधिक प्राचीन झरना मणिकरण, कुल्लू मनाली में ही स्थित है। यह गर्म पानी का एक बेहद अद्भुत झरना है जो पार्वती नदी के बाएं ओर से बहता है। 
  • दुनिया भर से हिंदू और सिख श्रद्धालु इस झरने को देखने आते हैं। 
  • यहां पर नानक जी का एक गुरुद्वारा भी स्थित है जिसका निर्माण 1940 में बाबा नारायण हर जी ने बनवाया था। यह गुरुद्वारा अपने अद्भुत स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है।

■  हिमालय में छिपा एक मणि, कसोल - A gem hidden away in the Himalayas - Kasol :

  • कसोल कुल्लू मनाली की शान समझा जाता है। यह एक गांव है जो घाटी के पास स्थित है। 
  • यहां पर बाइकिंग जैसी रोमांचक  गतिविधियां उपलब्ध हैं। 
  • इस गांव से ग्लेशियर और पर्वत श्रृंखलाओं का नजारा बहुत ही अद्भुत और लुभावना लगता है। 
  • कसोल जैसे गांव में आकर पर्यटक यहां की ऊंची ऊंची चोटियों का सुहावना दृश्य देख सकते हैं।

■  मनु ऋषि को समर्पित मनु मंदिर - Dedicated to sage manu - Manu Temple :

  • यह मंदिर व्यास नदी के तट पर स्थित है। मनाली हिल स्टेशन का नाम मनु के आधार पर ही रखा गया है। 
  • पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मनाली को मनु अल्लाया के नाम से भी जाना जाता था जिसका अर्थ है मनु का निवास स्थान। 
  • ऐसी मान्यता है कि इस जगह पर मनु ने अपना पहला कदम रखा था। 
  • इसी मंदिर में मनु ने अपने जीवन के 7 चक्र बिताए। इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता थोड़ा जटिल हैं। पर्यटकों को फिसलने वाले पत्थरों से होकर यहां पहुंचना पड़ता है। 
  • इस मंदिर में आकर पर्यटक एक पौराणिक आस्था का माहौल पा सकते हैं

भगवान शिव को समर्पित बागेश्वर महादेव मंदिर - Dedicated to lord Shiv- Bageshwar Mahadev Temple :

  • बागेश्वर महादेव का मंदिर शिव को समर्पित करते हुए निर्मित किया गया है। 
  • यह कुल्लू का बेहद लोकप्रिय स्थल है। यह मंदिर समुद्र स्तर से 2450 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।
  • ऐसा माना जाता है कि यहां पर स्थित शिवलिंग एक दफा बिजली की वजह से कई टुकड़ों में टूट गई थी। उसके बाद यहां के पुजारियों ने उन टुकड़ों को एकत्र कर मक्खन की मदद से जोड़ा। 
  • इस ऐतिहासिक दिन को हर वर्ष एक समारोह के रूप में मनाया जाता है। 
  • इस मंदिर की स्थापत्य शैली अद्भुत है, यह मंदिर हिमालयन वस्तु कला का प्रतिनिधित्व करता है। पहाड़ों पर स्थित होने के चलते इस मंदिर तक पहुंचने का रास्ता थोड़ा कठिन है और मजेदार भी। 

■  सुल्तानपुर पैलेस - Sultanpur Palace :

  • सुल्तानपुर पैलेस को रूप पैलेस के नाम से भी जाना जाता है। यह कुल्लू का एक शानदार महल है जो 1905 में भूकंप की वजह से इस महल का मूल रूप नष्ट हो चुका था। बाद में इसको उसी मूल रूप में दोबारा निर्मित करने का प्रयास किया गया।
  • औपनिवेशिक काल में निर्मित होने के चलते इसकी स्थापत्य कला औपनिवेशिक स्थापत्य कला से मेल खाती है। यह किसी यूरोपीय महल से कम अद्भुत नहीं लगता।

■  वशिष्ठ गांव - Vashishth village :

  • यह गांव व्यास नदी के तट पर स्थित है। यह मनाली से 3 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद है। 
  • यह गांव सल्फर के सोते के लिए प्रसिद्ध है। 
  • ऐसा माना जाता है कि श्री लक्ष्मण जी ने यहां तीर चला कर सोते बनाए थे। 
  • पुरुष और महिलाओं के लिए यहां पर पवित्र स्नान की सुविधा भी उपलब्ध है। इस गांव में मौजूद है दो मंदिर - भगवान राम और ऋषि वशिष्ठ के।

जगन्नाथ देवी का मंदिर - JAGANNATH DEVI TEMPLE :

  • 1500 साल पुराना यह जगन्नाथ देवी का मंदिर भुवनेश्वर देवी की आराधना हेतु निर्मित करवाया गया था।
  • जगन्नाथ देवी अथवा भुवनेश्वर देवी विष्णु भगवान की बहन थी। 
  • मनाली का यह एक बेहद प्राचीन धार्मिक स्थल है जिसके दर्शन करने दूर-दूर से पर्यटक आया करते हैं।

नग्गर - NAGGAR IN HINDI :

  • यह कभी कुल्लू की पुरानी राजधानी हुआ करती थी। 
  • व्यास नदी के बाएं ओर यह स्थित है, इसका निर्माण राजा विशुद्ध पाल द्वारा करवाया गया था। 
  • यहां पर एक बेहद प्राचीन किला है जो अब होटल के रूप में तब्दील कर दिया गया है। पश्चिमी हिमालय की वस्तु शैली का यह एक अकेला अद्भुत उदाहरण है। 
  • यहां पर लकड़ी और पत्थर से बने कई शिल्पकारी संबंधित चीजें रखी गई हैं। 
  • यहां इस किले के भीतर एक संग्रहालय भी मौजूद है जिससे पर्यटक इसकी ऐतिहासिकता का अंदाजा लगा पाएंगे।

कुल्लू मनाली में पर्यटकों के लिए शॉपिंग मार्केट - SHOPPING MARKETS OF KULLU MANALI :

  • कुल्लू मनाली में पाठकों को जगह-जगह सड़क के किनारे खरीदारी करने हेतु स्टॉल और दूर तक फैली दुकाने सहज ही मिल जाएंगी।
  • कुल्लू मनाली में हाथ से बुनाई की गई शॉल बहुत प्रसिद्ध है, पर्यटक दूर दूर से इसकी खरीदारी करने आते हैं। 
  • इसके अतिरिक्त यहां स्थानीय हस्तशिल्प से निर्मित चीजें मौजूद है। यहां की कलाकृति को भी पर्यटकों को मिल जाते हैं। यहां के प्रमुख महत्वपूर्ण शॉपिंग स्थल है ओल्ड मार्केट, तिब्बती मार्केट, मॉल रोड

कुल्लू मनाली का लोकल स्ट्रीट फूड - LOCAL STREET FOOD OF KULLU MANALI :

  • कुल्लू मनाली के स्ट्रीट फूड में खट्टा, बबरु, फ्राइड कमल काकड़ी, अकतोरी, चना मादरा इत्यादि प्रमुख हैं। 
  • कुल्लू मनाली का खानपान का जबरदस्त मज़ा ले सकते हैं। वहाँ के पारंपरिक खानपान की चीजें दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

कुल्लू मनाली जाने का सबसे अच्छा समय - BEST TIME TO VISIT IN KULLU MANALI :

  • वैसे तो कुल्लू मनाली की जलवायु ही ऐसी है कि पर्यटक किसी भी समय जाएंगे तो वहां पर उन्हें आनंद की अनुभूति ही होगी। 
  • यदि पर्यटक विंटर स्किंग फेस्टिवल का आनंद लेना चाहते हैं तो वे जनवरी से मार्च के बीच कुल्लू मनाली जाएं।
  • यदि वे रोहतांग स्नोफॉल का मजा लेना चाहते हैं तो उनके लिए सबसे उत्तम समय दिसंबर से फरवरी के बीच का है।
  •  इसके अतिरिक्त कुल्लू मनाली का हर समय घूमने लायक है सुहावना है ठंडक है ताजगी भरा है

सड़क के द्वारा कुल्लू मनाली कैसे पहुंचे - How to reach Kullu Manali by road in Hindi:

यदि पर्यटक कुल्लू मनाली सड़क मार्ग के जरिए जाना चाहते हैं तो यह अत्यंत ही रोचक तरीका है। भारी संख्या में पर्यटक सड़क मार्ग के द्वारा ही इस जगह पर आते हैं। यह अत्यंत सुगम मार्ग है। यहां पर अंबाला, चंडीगढ़, शिमला, डलहौजी से कनेक्ट होते हुए कुल्लू मनाली पहुंचाने वाली अनेक वोल्वो बसों की सुविधा उपलब्ध है।

ट्रेन के द्वारा कुल्लू मनाली कैसे पहुंचे - How to reach Kullu Manali by train in Hindi:

दूर पहाड़ों में स्थित होने के चलते कुल्लू मनाली में कोई रेलवे स्टेशन अभी तक नहीं बना है। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन हैं- जोगिंदरनगर और पठानकोट। पठानकोट कुल्लू से 285 किलोमीटर और जोगिंदरनगर 126 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसके अलावा पर्यटकों की सुविधा के लिए शिमला और कालका जी  रेलवे स्टेशन भी उपलब्ध है। वहां पहुंचकर आगे सड़क मार्ग के जरिए कुल्लू मनाली पहुंच सकते हैं।

फ्लाइट के द्वारा कुल्लू मनाली कैसे पहुंचे - How to reach Kullu Manali by flight in Hindi:

 कुल्लू मनाली में कोई हवाई अड्डा उपलब्ध नहीं है। भुंतर ही सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है। यह मनाली से 80 किलोमीटर और कुल्लू से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली, चंडीगढ़, शिमला और लेह से होते हुए फ्लाइट आपको भुंतर हवाई अड्डे तक पहुंचा देगी और वहां से आप सड़क मार्ग के जरिए कुल्लू मनाली पहुंच सकते।

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