ताजमहल का इतिहास और रोचक जानकारियां (History of Tajmahal in hindi)

इस लेख में हम आपको भारत की धरोहर और प्रेम का प्रतीक ताजमहल का संपूर्ण जानकारी देंगे अतः आपसे अनुरोध है

ताजमहल का इतिहास और रोचक जानकारियां (History of Tajmahal in hindi)

हमारे प्रिय पाठक आपको मेरा प्रेम पूर्वक नमस्कार | इस लेख में हम आपको भारत की धरोहर और प्रेम का प्रतीक ताजमहल का संपूर्ण जानकारी देंगे अतः आपसे अनुरोध है कि हमारे इस लेख को आप अंत  पढ़ें|

ताजमहल  (Taj Mahal in Hindi ):

  • भारत के आगरा शहर में यमुना नदी के किनारे सफेद संगमरमर से बना मकबरा को ताजमहल के नाम से जाना जाता है| इस मकबरा को शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की मृत्यु के बाद उनकी याद में बनवाया था | इस ताजमहल में शाहजहां का भी कब्र है| इतिहास के जानकारों के अनुसार कहा जाता है कि मुमताज महल ने मरते वक्त मकबरा बनाए जाने की ख्वाहिश जताई थी जिसके बाद शाहजहां ने ताजमहल बनवाया |  इसके चार कोनों में चार मीनार हैं | इसको बनवाने के लिए शाहजहां ने बग़दाद और तुर्की से कारीगर  बुलवाए थे |

  • ताजमहल के बनने का काम लगभग 22 साल तक चलता रहा और इसमें करीब 20 हजार मजदूरों ने योगदान दिया | ताजमहल को 1983 में यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल के रूप में नामित किया गया था| यह लगभग 17 हेक्टेयर(42 एकड़) परिसर में फैला हुआ है | ताजमहल दुनिया के सात अजूबों में से एक है |

ताजमहल के बारे में और भी विस्तृत जानकारी इस प्रकार है-

1. ताजमहल किसने बनवाया था ( Who Built Taj Mahal in Hindi ):

  • पांचवा मुगल शासक शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल (पुराना नाम अर्जुमंद बानो) की याद में ताजमहल का निर्माण करवाया था |

2. ताजमहल का निर्माण कब किया गया था ( When Taj Mahal Was Built in Hindi ):   

  • 1631 में मुमताज महल की मृत्यु के बाद शाहजहां ने ताजमहल बनाने की घोषणा किया था | ताजमहल का निर्माण कार्य 1632 में शुरू हुआ था | संपूर्ण ताजमहल का निर्माण 1953 में पूरा हुआ | वैसे ताजमहल 1943 में ही बन गया था लेकिन सभी पहलुओं को पूरा करने में 10 साल और लग गए |  

3. ताजमहल का इतिहास  ( Taj Mahal History in Hindi ):

  • शाहजहां का 30 साल (1628-1658) का शासन काल रहा | शाहजहां एक बहादुर और बुद्धिमान तथा दूरदर्शी शासक था| इनके पिता का नाम जहांगीर तथा इनके दादा का नाम अकबर था | शाहजहां को 4 पुत्र  दाराशिकोह ,शाहशुजा, मुरादबख्श  और औरंगजेब थे | 1627 में जहांगीर की लाहौर में मृत्यु होने के बाद प्रजा की मांग पर शाहजहां को सिंहासन पर बैठा दिया गया | शाहजहां के शासनकाल को मुगल वंश के स्वर्ण कालीन युग के रूप में जाना जाता है| इतिहासकारों का मानना है कि उनके शासनकाल में लड़ाइयां बहुत कम होती थी राजकोष हमेशा धन से भरा रहता था प्रजा शांति से रहती थी | अपने पिता के आदर्शों का पालन करते हुए एक अच्छे न्यायाधीश और प्रजा के लिए कुशल शासक का अच्छा छवि बना लिया था | शाहजहां ने दिल्ली का लालकिला, दीवाने आम, दीवाने खास, दिल्ली की जामा मस्जिद, आगरा की मोती मस्जिद बनवाई |  you can learn from other resources

    taj mahal history in hindi wikipedia


शाहजहां का मीना बाजार (Meena Bazaar Delhi) में हुआ था पहला दीदार …

  • 1607 में एक दिन शाहजहां मीना बाजार में घूम रहे थे कि तभी उनकी नजर वहां खड़ी एक लड़की पर पड़ी जो कुछ  का सामान बेच रही थी। मुमताज की खूबसूरती शाहजहां के दिमाग में इस कदर बस गई कि वो मुमताज का पीछा करने लगे। कुछ समय बाद शाहजहां को पता चला कि जिस लड़की का वो पीछा कर रहे हैं उसका नाम अर्जुमंद बानो बेगम (Arjumand Banu Begum) है जो कि उनकी मां और रानी नूर जहां की रिश्तेदार है।शाहजहां का मोहब्बत इस कदर  चढ़ चुका था कि वो खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने तुरंत अपने पिता जहांगीर से सामने अर्जुमंद बानो बेगम से शादी करने की ख्वाहिश जाहिर की। 

4. शाहजहां की बेगम मुमताज महल की मृत्यु कैसे हुई ( How was Sahajahan wife died  ):

  • शाहजहां और मुमताज के 13 बच्चे  हो चुके थे | मुमताज अब अपने 14वें बच्चे को जन्म देने वाली थीं। 13 बच्चों को जन्म देने के कारण मुमताज शारीरिक रूप से बहुत कमजोर हो चुकी थीं। 14वें बच्चे को जन्म देते समय प्रसव पीड़ा में उनकी मृत्यु 1631में हो गई |

5. ताजमहल बनाने वाले कारीगर का नाम ( Name of the artisan who built the Taj Mahal ):

  • ताजमहल को बनाने वाला कलाकार उस्ताद अहमद लाहौरी था |



6. ताजमहल के अंदर की वास्तुकला ( Taj Mahal inside Architecture in Hindi ):

  • यह सफेद संगममर पत्थरों से बनी एक बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहर है,जो कि भारतीय, इस्लामिक, मुगल और परसी वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। ताजमहल के अंदर की गूजो को 24 फीट तक पूरी तरह सुना जा सकता है| सफेद संगमरमर पर कई प्रकार की नक्काशी तथा हीरे जोड़कर ताजमहल की दीवारों को सजाया गया है|ताजमहल के निर्माण में मुमताज महल का मकबरा मुख्य है, इसके मुख्य कक्ष में शाहजहां तथा मुमताज महल की नकली कब्र मौजूद है|इस मकबरे को बनाने के लिए ताजमहल के ऊपर  गुंबद, गुंबद की छतरी तथा मीनार का निर्माण किया गया है| इसके निर्माण में लगभग 28 अलग-अलग तरह के पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जो कि हमेशा चमकते रहते हैं और कभी भी काले नहीं पड़ते| कुछ पत्थरों की खासियत है कि चांद की रोशनी में चमकते रहते हैं और पूर्णिमा के दौरान पत्थरों के चमकने से ताजमहल की शोभा और भी अधिक बढ़ जाती है| 

 

7.ताजमहल के आसपास घूमने का पर्यटक स्थल ( Best place near Taj Mahal in Hindi ):

मेरे प्रिय पाठक हमने आगरा में घूमने वाले सभी पर्यटक स्थल के बारे में लेख लिखा है, आप वहां से भी विस्तृत वर्णन पढ़ सकते हैं| यहां आइए संक्षेप में समझते हैं-

आगरा का किला , फतेहपुर सिकरी , सिकंदरा, एतमाद-उद-दौला की यात्रा आप कर सकते हैं इसके अलावा भी अन्य स्थान हैं| 

8. ताजमहल को बनाने में आयी लागत ( Cost to build Taj Mahal in Hindi ):

  • ताजमहल की लागत इतिहासकार अलग अलग बताते हैं हम आपको एक अनुमानित आंकड़ा बता रहे हैं |भारत की शान ताजमहल को बनाने में मुगल सम्राट शाहजहां ने दिल खोलकर उस समय पैसा खर्च किया था, जबकि उसकी पुत्र औरंगजेब ने इसका काफी विरोध भी किया था। मुमताज महल के इस भव्य मकबरे को बनाने में शाहजहां ने करीब 827 मिलियन डॉलर (52.8 अरब रुपए) है।

9.ताज महल के बारे मे रोचक तथ्य ( Real Facts Of Taj Mahal in Hindi ):

  • द्वितीय विश्वयुद्ध तथा भारत पाकिस्तान युद्ध(1965 और 1971) के समय ताजमहल को कपड़े और  बांस की  लकड़ियों से ढक दिया गया था ताकि इसे दुश्मन के हमलों से बचाया जा सके इस काम को करने में पुरातत्व विभाग को लगभग 20 दिन लग गए थे| 

  • इस मकबरा को बनाने में करीब आठ अलग-अलग देशों से सामान लाया गया था और इसकी निर्माण सामग्री ढोने के लिए करीब 15 सौ हाथियों का सहारा लिया गया |

  • मेरे प्रिय पाठक आपको बता दें कि ताजमहल का डुप्लीकेट औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में ‘मिनी ताज’ के नाम से मशहूर है जिसे “बीवी का मकबरा” भी कहा जाता है |

  • शाहजहां ताजमहल की तरह एक काला ताजमहल भी बनवाना चाहता था लेकिन इससे पहले उसके बेटे औरंगजेब ने बंधक बना लिया जिससे उसकी ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी|

  • ताजमहल जाने वाले रास्ते में जो फव्वारे लगाए गए हैं वह किसी पाइप से नहीं जुड़े हैं बल्कि हर फव्वारे के नीचे एक टैंक बना है यह सभी टैंक एक समय पर भरते हैं और प्रेशर पड़ने पर इसमें से पानी निकलते हैं |

  • इस मकबरा को बनाने में 22 वर्ष का समय लगा था इसका काम 1632 में शुरू हुआ और पूरा खत्म 1653 में हुआ |

  • ताजमहल बनाने में 20,000 से ज्यादा मजदूरों का हाथ था  कुछ  इतिहासकारों का कहना है कि शाहजहां ने उन सभी मजदूरों का हाथ कटवा दिया तथा कुछ को मरवा दिया था जिन्होंने ताजमहल का निर्माण कराया था | शाहजहां ने यह सब इसलिए किया कि ऐसा भव्य मकबरा और दोबारा ना बन सके|

  • 1983 में ताजमहल को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया |

  •  विश्व का सातवां अजूबा ताजमहल है| 

  • आपको एक बात जानकर आश्चर्य होगा कि ताजमहल लकड़ियों से मिलकर बना हुआ है यह एक ऐसी प्रकार की लकड़ी है जिसको मजबूत रहने के लिए नमी की जरूरत पड़ती है और यह नमी यमुना नदी से मिलता है इन लकड़ियों को |

  • एक और आश्चर्य होगा की  ताजमहल कुतुब मीनार से 5 फुट ऊंचा है | आप में से बहुत सारे लोगों को यह बात नहीं पता होगा |यदि आप से पूछा जाए कि ताजमहल ऊंचा या कुतुब मीनार ? आपका उत्तर हमेशा होना चाहिए कि ताजमहल ऊंचा होगा |

  • ताजमहल का रंग बदलता रहता है सुबह गुलाबी रात को दूधिया सफेद और चांदनी रात में सुनहरा दिखाई देता है लेकिन बढ़ते प्रदूषण के कारण ताजमहल का रंग हल्का पीला पड़ने लगा है इसलिए सरकार के आदेश अनुसार इसके आसपास डीजल पेट्रोल के वाहन पर रोक लगा दी गई है |

10.ताजमहल के विभिन्न हिस्से ( Section of Taj Mahal ):

ताजमहल में मुख्यतः यह सब हिस्से  हैं-

मकबरा :

  • मकबरा लगभग 42 एकड़ में फैला हुआ है यह चारों तरफ से बगीचे से घिरा हुआ है| 
  • ताजमहल का केंद्र है मुमताज महल का मकबरा यह इस मकबरे के ऊपर बहुत बड़ा गुंबद इसकी शोभा बढ़ा रहा है|

गुंबद :

  • मकबरे के ऊपर सफेद संगमरमर के गुंबद मौजूद हैं यह गुंबर उल्टे कलश  के जैसा दिखता है | यह कलश फारसी तथा हिन्दू वस्तु कला का मुख्य तत्व है |

छतरियां:

  • गुंबद को सहारा देने के लिए इसके चारों ओर से छोटे गुंबद के आकार की छतरियां बनाई गई है इसके आधार से मकबरे पर रोशनी पड़ती है |

कलश :

  • इस कलश पर चंद्रमा की आकृति है जिसकी ऊपरी आकृति स्वर्ग की ओर इशारा करती हैं चंद्रमा की आकृति तथा कलर्स की नोक मिलकर त्रिशूल का आकार बनाती हैं |

मीनार:

  • ताजमहल के चारों कोनों पर  40 मीटर ऊंची मीनार है |यह मीनारें ठीक उसी तरह है जैसे मस्जिद में अजान के लिए मीनारें बने होती हैं| यह चारों मीनारें हल्की सी बाहर की तरफ झुकी हुई है |इस झुकाव के पीछे कहा जाता है कि इमारत गिरने की स्थिति में यह मीनारें बाहर की तरफ भी गिरे जिससे कि ताजमहल को कोई नुकसान ना पहुंचे |

 

ताजमहल तक कैसे पहुंचे ( How To Reach Taj Mahal in Hindi ):

ताजमहल पहुंचने के कई रास्ते हैं जिससे आप आसानी से ताजमहल जा सकते हैं। हम ताजमहल पहुंचने के  सभी माध्यम के बारे में बता रहे हैं –

1.हवाई यात्रा द्वारा ताजमहल तक कैसे पहुंचे ( How To Reach Taj Mahal By Flights in Hindi ):

  • आगरा का सबसे नजदीक एयरपोर्ट आगरा शहर से लगभग 13  किमी दूरी खेरिया एयरबेस (Kheria Airbase) से  सप्ताह में दिल्ली, खजुराहो और वाराणसी के लिए 4 बार उड़ान भरती है।इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दिल्ली में है| 

2.ट्रेन द्वारा ताजमहल तक कैसे पहुंचे ( How To Reach Taj Mahal By Train in Hindi ):

  • आगरा दिल्ली मुंबई और दिल्ली चेन्नई रेलवे मार्ग पर स्थित है आगरा पूरे भारत के अधिकांश शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है जैसे कि दिल्ली जयपुर ग्वालियर झांसी अन्य शहरों से नियमित ट्रेनें  रोज चलती हैं|आगरा  कैंट स्टेशन (मुख्य स्टेशन), आगरा फोर्ट ,राजा की मंडी, आगरा शहर और ईदगाह रेलवे स्टेशन में पांच रेलवे स्टेशन हैं। ताज महल और आगरा का किला आगरा कैंट रेलवे स्टेशन से थोड़ी दूरी पर है |

3.सड़क से ताजमहल तक कैसे पहुंचे ( How To Reach Taj Mahal By Road in Hindi ):

  • आगरा दिल्ली से NH 2 और नई यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है |ट्रैफिक और दिन के समय के आधार पर गाड़ी  चलाने का समय लगभग 4-5 घंटे है। 
  • जयपुर NH 11 द्वारा आगरा से जुड़ा हुआ है और यह 4 घंटे की ड्राइव है|
  • NH 3 से जुड़ा ग्वालियर 1.5 घंटे की ड्राइव है, जबकि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे  NH 2 से जुड़े लखनऊ और कानपुर 4-घंटे और 5-घंटे की ड्राइव हैं।
  • अगर आपके पास की गाड़ी नहीं है तो ,आप रोडवेज बस के द्वारा भी यहां पहुंच सकते हैं |