हरिद्वार में घूमने की जगह और दर्शनीय स्थल की जानकारी 

हरिद्वार के सभी दर्शनीय स्थल

हरिद्वार में घूमने की जगह और दर्शनीय स्थल की जानकारी 

मेरे प्रिय पाठक आपका हमारे इस नए लेख में हृदय से प्रेम पूर्वक नमस्कार  , इस लेख में  हरिद्वार की संपूर्ण तीर्थ स्थलों के दर्शन कराएंगे|कहा जाता है कि हरिद्वार का मतलब आप “हरि के द्वार” यानी आप भगवान के द्वारा गए हैं | दोस्तों यह हरिद्वार सुंदर पहाड़ों के बीच स्थित है  |

हरिद्वार की परिचय ( Introduction of Haridwar ):

  • हरिद्वार भारत के उत्तराखंड राज्य का एक जिला है| हरिद्वार हिंदुओं का पवित्र तीर्थ स्थल है|यह बहुत प्राचीन नगरी है तथा सात पवित्र स्थल में से एक है| पौराणिक कथाओं के अनुसार समुद्र मंथन से निकला अमृत  कि कुछ    यहां पर गिर गई थी | मान्यता है कि चार स्थानों पर अमृत की बूंदें गिरी थीं,उज्जैन( मध्य प्रदेश), हरिद्वार (उत्तराखंड),नासिक (महाराष्ट्र) और  प्रयाग( उत्तर प्रदेश)। इन चारों स्थानों पर बारी-बारी से हर 12वें वर्ष  महाकुंभ का आयोजन होता है। 

  • हरिद्वार का पुराना नाम मायापुरी था| देव भूमि के नाम से विश्व भर में प्रसिद्ध है हरिद्वार| पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने  इसी स्थान पर अपनी जटा खोलकर गंगा नदी को मुक्त किया था तथा विष्णु घाट पर  भगवान विष्णु के पद चिन्ह की निशानी आज ही है| हिन्दुओं के बड़े मुख्य तीर्थ  स्थान केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री -यमनोत्री, ऋषिकेश जाने का रास्ता भी यही से शुरू होकर जाता है | 

  • हरिद्वार का प्राकृतिक सौन्दर्य  अद्भुत हैं। यहाँ का शांत वातावरण देखकर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो जातें हैं। यहां की हरियाली, बहती गंगा नदी, शांत और मनोहर घाट पर्यटकों को बहुत ही ज्यादा आकर्षित करता हैं। गंगा नदी में बहते सुनहरे दीपों की चमक बहुत ही सुंदर लगती है। हरिद्वार का सबसे मनमोहक सुंदरता तब दिखाई देता हैं जब शाम के वक्त गंगा जी की आरती होती हैं। प्रतिदिन शाम को हज़ारों दीपकों द्वारा गंगा जी की आरती की जाती है।

 

हरिद्वार की महाकुंभ मेला ( MahaKumbh in Haridwar ):

  • शास्त्रों के अनुसार चार स्थान है, जिन स्थानों पर कुंभ मेले का आयोजन होता है। नासिक में गोदावरी नदी के तट पर, उज्जैन में क्षिप्रा नदी के तट पर, हरिद्वार और प्रयाग में गंगा नदी के तट पर।

  • महाकुंभ मेला का आयोजन 12 वर्षों पर होता है। 6 वर्षो के अंतर में अर्द्धकुंभ मेले का आयोजन होता है।हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन 2022 नहीं बल्कि 2021 में योग बन रहा है | ग्रह योग भी 2021 में बन रहे हैं |  संतो के अनुसार  मेष राशि में सूर्य  तथा कुंभ राशि में बृहस्पति  होने पर हरिद्वार में महाकुंभ का आयोजन किया जाता है| 2022 में  कुंभ राशि में बृहस्पति नहीं होंगे|

हरिद्वार के  दर्शनीय स्थल ( Haridwar Tourist Places in Hindi ):

  • मेरे प्रिय पाठक हरिद्वार में  तथा हरिद्वार के के आस- पास कई सारे पर्यटक स्थल हैं जहां आप अपनी सुविधानुसार घूम सकते हैं|यहां पर मंदिर ,घाट,विश्वविद्यालय अन्य  इत्यादि हैं| उन सभी पर्यटक स्थल की लिस्ट इस प्रकार है- 

1.हर की पौड़ी

2.चंडी देवी मंदिर

3.मनसा देवी मंदिर

4.शांति कुंज/गायत्री शक्तिपीठ

5.भारत माता मंदिर

6.वैष्णों देवी मंदिर

7.विष्णु घाट

8.चिल्ला वन्यजीव अभ्यारण्य

9.क्रिस्टल वर्ल्ड

10.सप्तऋषि आश्रम

11.गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय म्यूजिय

12.पतंजलि योगपीठ

13.पारद शिवलिंग

14.माया देवी मंदिर

15.सिडको इंडस्ट्रियल एरिया हरिद्वार

16.भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड(BHEL) हरिद्वार 

17.आईआईटी रुड़की

18.दक्ष महादेव मंदिर  

1.हर की पौड़ी ( Har Ki Pauri Haridwar in Hindi ):

  • हरिद्वार की सबसे मुख्य घाट हर की पौड़ी है|  इसघाट पर सभी मंगल कार्य किए जाते हैं -जैसे मुंडन अस्थि विसर्जन इत्यादि किए जाते हैं |पौराणिक कथाओं के अनुसार अमृत की बूँदे हरिद्वार में भी गिरी और जहाँ पर वे गिरी थीं वह स्थान हर की पौड़ी था। यहाँ पर स्नान करना हरिद्वार आए श्रद्धालु की सबसे प्रबल इच्छा होती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि यहाँ पर स्नान  करने से  मोक्ष की प्राप्ति होती है।

  • दोस्तों हर की पौड़ी को ब्रह्म कुंड के नाम से भी जाना जाता है |राजा विक्रमादित्य द्वारा अपने भाई, ब्रिथरी की याद में इसका निर्माण करवाया था।इस घाट पर प्रत्येक दिन संध्या काल में गंगा मां की आरती किया जाता है| यहां होने वाली हर शाम को माँ गंगा की आरती में शामिल होना बहुत ही शुभ माना जाता है |

हर की पौड़ी की बाजार ( Har Ki Pauri Market ):

  • यहाँ के बाजार बड़े लुभावने तथा मनमोहक है। यहां हर तरफ रौनक ही रौनक है। खाने के शौंकीन लोगों को हरिद्वार बिलकुल भी निराश नहीं करता, यहाँ स्वादिष्ट पकवानो की सुन्दर दुकाने सुबह ही सज जाती है।हर की पौड़ी बाजार से अगर आप कुछ भी सामान खरीदते हैं तो दुकानदार से बारगेनिंग जरूर करें क्योंकि दुकानदार सामान का रेट ज्यादा बताते हैं और उनके बातों में कभी ना आए| 

2.चंडी देवी मंदिर ( Chandi Devi Temple Haridwar in Hindi ):

  • दोस्तों माता चंडी देवी मन्दिर नील पर्वत पर स्थित है| हरिद्वार से इस मंदिर की दूरी लगभग 2 किलोमीटर है| मंदिर पहाड़ पर है पहाड़ चढ़ने के लिए आप दो तरीके से जा सकते हैं|पहला रास्ता पैदल मार्ग और दूसरा उड़न खटोला जिसे रोपवे भी कहा जाता है| माँ चंडी देवी मन्दिर परिसर में अन्नपूर्णा देवी मन्दिर , जय माँ भद्र काली मन्दिर , काल भैरव मन्दिर , संकट मोचन हनुमान मन्दिर एवं अन्य छोटे-छोटे मन्दिरो की स्थापना भी की गई है|यह मंदिर दुर्गा  के रूप  माता चंडी का है| नवरात्र व कुम्भ के समय में यहाँ भक्तों की भीड़ होती है |भारत देश में मौजूद माता सती के 52 शक्तिपीठ में से ये एक है| 

 

3.मनसा देवी मंदिर ( Mansa Devi Temple Haridwar in Hindi ): 

  • मनसा देवी उत्तर भारत में सबसे अधिक प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है| मनसा देवी मंदिर में आने वाले भक्तों को धागे से मंदिर के पास एक पेड़ में बांधना पड़ता है। यह भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए बांधा जाता है। एक बार जब इच्छा पूरी हो जाती है, तो यहां आकर भक्तों को पवित्र धागे को खोलना भी पड़ता है।यह मंदिर बिलवा पर्वत जो शिवालिक पहाड़ियों में आता है, वहां स्थित है |

 

  • मनसा देवी भक्तों के मन की इच्छा पूरी करती हैं इसलिए यह देवी मनसा देवी के नाम से जानी जाती हैं इस मंदिर में मनसा देवी की 2 प्रतिमाएं हैं पहली प्रतिमा  3 तीन मुख तथा 5 भुजा वाली है| दूसरी प्रतिमा आठ भुजाओं वाली है| मंदिर पहाड़ पर है पहाड़ चढ़ने के लिए आप दो तरीके से जा सकते हैं|पहला रास्ता पैदल मार्ग और दूसरा उड़न खटोला जिसे रोपवे भी कहा जाता है|

 

4.शांति कुंज / गायत्री शक्तिपीठ ( Shantikunj Haridwar in Hindi ):

  • शांतिकुंज ,हरिद्वार और ऋषिकेश मार्ग पर स्थित है| यह हरिद्वार से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर है|  देश में सभी जगह फैले गायत्री परिवार का ये मुख्य गढ़ है. इसे 1971 में बनाया गया था|यहां पर रहना खाना सब कुछ फ्री में मिलता है| यहाँ शरीर, मन व अंत:करण को स्वस्थ, समुन्नत बनाने के लिए अद्वितीय अनुकूल वातावरण, मार्गदर्शन एवं शक्ति-अनुदान मिलते हैं।

5.भारत माता मंदिर ( Bharat Mata temple Haridwar in Hindi ):

  • भारत का एकलौता ऐसा मंदिर जहाँ भारत माता को मूर्ती के रूप में पूजा किया जाता है| इस मंदिर का निर्माण 1983 में स्वामी सत्यमित्रानंद द्वारा किया गया था | तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने वर्ष 1983 में इस मंदिर का उद्घाटन किया था।मंदिर में 8 मंजिल है, हर एक मंजिल में अलग अलग देवी देवता, स्वतंत्रता संग्रामी की मूर्ती व फोटो है, साथ ही भारत के इतिहास के बारे में कुछ अनजानी बातें भी पता चलती है| भारतीय इतिहास का यहाँ अच्छा संग्रहालय है|

 

6.वैष्णों देवी मंदिर ( Vaishno Devi Temple Haridwar in Hindi ):

  • हरिद्वार में स्थित वैष्णो देवी मंदिर पवित्र एवम् प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है , जो कि सप्त ऋषि आश्रम  मार्ग पर निर्मित है।हरिद्वार का वैष्णो देवी मंदिर एवं जम्मू कश्मीर(कटरा) का वैष्णो देवी मंदिर में वास्तुकला और सुरंगों की ही समानता है इसके अलावा इन दोनों मंदिरों में कोई और अन्य समानता नहीं है । श्रद्धालुओं को फर्श पर चढ़ने के लिए , एक संकरे मानव निर्मित सुरंग के द्वारा घसीट कर जाना होता है ताकि श्रद्धालु  वैष्णो देवी के दर्शन कर सके ।

 

7.विष्णु घाट ( Vishnu Ghat Haridwar in Hindi ):

  • यह वह स्थान है जहाँ भगवान् विष्णु जी ने एक बार स्नान किया था। ऐसा माना जाता है कि इस घाट के पानी में एक बार डुबकी लगाने पर इंसान के सारे पाप धुल जाते हैं।

 8.चिल्ला वन्यजीव अभ्यारण्य ( Chilla Wildlife Sanctuary Tourist Spot in Haridwar in Hindi ):

  • दोस्तों आप हरिद्वार के मंदिरों और घाट को देखने के बाद चिल्ला वन्य जीव अभ्यारण जाना आपके लिए बहुत अच्छा रहेगा |इस वन्यजीव की स्थापना 1977 में  की गई थी| चिल्ला वन्यजीव अभ्यारण्य हरिद्वार से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस अभ्यारण्य में हाथी, बाघ, भालू और छोटी बिल्लियां,बड़ी संख्या में हाथियों और विभिन्न प्रकार के पक्षी हैं।

9.क्रिस्टल वर्ल्ड (Crystal World Haridwar in Hindi):

  • दोस्तों क्रिस्टल वर्ल्ड हरिद्वार दिल्ली रोड पर स्थित है |यह हरिद्वार से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर है अगर आप सब कुछ से बोर हो गए हो  तो यहां पर जरूर जाएं  हरिद्वार से कोई भी बस द्वारा जा सकते हैं | हरिद्वार से यहां तक का किराया लगभग 25 से ₹30 होगा| अधिक जानकारी के लिए आप क्रिस्टल वर्ल्ड की वेबसाइट पर डिटेल देख  सकते हैं| यहां की टिकट और टाइमिंग के बारे में http://crystalworld.co.in/

                                              

10.सप्तऋषि आश्रम (Sapt Rishi Ashram Haridwar in Hindi):

  • सप्तऋषि आश्रम हर की पौड़ी से 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हरिद्वार के सबसे प्रसिद्ध आश्रमों में से एक है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार  इस आश्रम में सात ऋषियों का आराधना स्थल था|  सात महान ऋषि कश्यप, वशिष्ठ, अत्रि, विश्वामित्र, जामदगी , भारद्वाज और गौतम ध्यान करते थे, उसी जगह पर यह आश्रम स्थित है। प्रिय पाठक यह भी माना जाता है कि गंगा इस स्थान पर सात धाराओं में खुद को विभाजित करती है । शहर भागदौड़ से दूर यह आश्रम ध्यान केन्द्र और मानसिक शांति प्राप्त करने के के लिए एक बेहतरीन स्थान के रूप में जाना जाता है, यहां पर्यटक और इच्छुक व्यक्ति कई कई दिनों के लिए आते हैं और ध्यान लगाते हैं। 

 

11.गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय म्यूजियम (Gurukul Kangri Vishwavidyalaya museum Haridwar in Hindi): 

  • इसकी स्थापना सन् 1902 में स्वामी श्रद्धानंद ने की थी।दोस्तों यह हरिद्वार दिल्ली रोड पर स्थित है ,हरिद्वार रेलवे स्टेशन से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर है | विश्वविद्यालय का  म्यूजियम अत्यन्त प्राचीन काल के कला अवशेषों, शस्त्रों व सिक्कों आदि से सुसज्जित है। 

12.पतंजलि योगपीठ (Patanjali Yogpeeth Haridwar in Hindi):

  • पतंजलि योगपीठ बाबा रामदेव का सबसे बड़ा योग पीठ है |यहां पर योग और आयुर्वेद  पर खोज  किया जाता है| पतंजलि योगपीठ दो फेज में बांटा गया है  फेज वन और फेस टू |   यह हरिद्वार और दिल्ली मार्ग पर स्थित है| हरिद्वार रेलवे स्टेशन से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है|

 

13.पारद शिवलिंग (Parad Shivling Haridwar in Hindi):

  • यह शिवलिंग 150  किलोग्राम का है|यहाँ महाशिवरात्रि में मेला लगता है, यहाँ रुद्राक्ष का पेड़ है| जिसे देखने  के लिए मुख्य रूप से लोग यहाँ जाते है| हरिद्वार से लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है| यह शिवलिंग पारद से निर्मित है

 14.माया देवी मंदिर (Maya Devi Mandir Haridwar in Hindi):

  • दोस्तों माया देवी मन्दिर हरिद्वार का बहुत प्राचीन मन्दिर है | इसे शक्तिपीठ भी कहा जाता है |हरिद्वार रेलवे स्टेशन से यह स्थल लगभग 2 किलोमीटर है| माँ सती के इस मन्दिर में भक्तो की सारी मनोकामनाए पूर्ण होती है | इस मन्दिर परिसर में बहुत से शिवलिंग बने हुये है, और एक कान्हा जी का सुन्दर झुला भी बना हुआ है| यहाँ के स्थानीय लोगो का कहना है कि चंडी देवी , मनसा देवी और माया देवी को मिलाकर एक त्रिभुज का निर्माण होता है|

 

15.सिडको इंडस्ट्रियल एरिया हरिद्वार (SIDCO Industrial Area Haridwar in Hindi):

  • दोस्तों या हरिद्वार का नया औद्योगिक क्षेत्र है| यहां पर सैकड़ों कंपनियां है |यहां की कंपनियों में बहुत ही दूर- दूर से लोग जॉब के लिए अप्लाई करते हैं| आप यहां पर देख सकते हैं कि कौन-कौन सी कंपनियां हैं| यह हरिद्वार से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर है|

 

16.भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड(BHEL) हरिद्वार(Bharat Heavy Electrical Limited Haridwar in Hindi):

  • भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) भारत में  सार्वजनिक क्षेत्र  की इंजीनियरिंग व विनिर्माण क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी है| यह पब्लिक सेक्टर की कंपनी है| इस कंपनी में समर ट्रेनिंग के लिए भी बहुत सारे विद्यार्थी आते हैं तथा आईटीआई के विद्यार्थी अप्रेंटिस भी करते हैं अधिक जानकारी के लिए आप इसके वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं| हरिद्वार रेलवे स्टेशन से इसकी दूरी लगभग 7 किलोमीटर है

 

17. आईआईटी रुड़की (IIT Roorkee in Hindi): 

  • यह संस्थान रुड़की में स्थित हरिद्वार से लगभग 30 किलोमीटर की दूरी पर है | यह हरिद्वार दिल्ली मार्ग पर स्थित है | यहां पर अंदर जाकर यहां का माहौल आप देख सकते हैं| 

18. दक्ष महादेव मंदिर (Daksh Mahadev temple Haridwar in Hindi):

  • दक्ष महादेव मंदिर कनखल हरिद्वार  में स्थित है | यह बहुत ही पुराना मंदिर है , जो कि भगवान शिव को समर्पित है | यह मंदिर हरिद्वार से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित है| भगवान शिव का यह मंदिर देवी सती (शिव जी की प्रथम पत्नी) के पिता राजा दक्ष प्रजापति के नाम पर रखा गया है | इस मंदिर में भगवान विष्णु के पाँव के निशान बने है , जिन्हें देखने के लिए मंदिर में हमेशा भक्तों  का  आना जाना लगा रहता है | इस मंदिर में एक छोटा सा गड्ढा है , जिसके बारे में यह माना जाता है कि इस गड्ढे में देवी सती ने अपने जीवन का बलिदान दिया था

 

हरिद्वार कैसे पहुंचें (How To Reach Haridwar In Hindi):

आप देश के किसी भी कोने में हो हरिद्वार आसानी से आप पहुंच सकते हैं|

1.हवाई जहाज से कैसे पहुंचे(How to Reach Haridwar by flight):

  • हरिद्वार का सबसे निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट, देहरादून है। यह हवाई अड्डा हरिद्वार से 40 किलोमीटर की दूरी पर है। पर्यटक मुंबई या दिल्ली से देहरादून की हवाई यात्रा कर सकते हैं। इसके बाद एयरपोर्ट से टैक्सी या बस से हरिद्वार पहुंचा जा सकता है। 

2.बस से कैसे पहुंचे(How to Reach Haridwar by Bus):

  • दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश से सड़क मार्ग द्वारा हरिद्वार बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। इन मार्गों से सभी राज्य की राज्य परिवहन की बसें जुड़ी हैं। दिल्ली से हरिद्वार 222 किलोमीटर दूर है यह यात्रा कुल पांच से छह घंटों की बस की यात्रा पूरी करने के बाद आप यहां पहुंच सकते हैं।

3.ट्रेन से  कैसे पहुंचे(How to Reach Haridwar by Train):

  • वाराणसी ,दिल्ली, देहरादून, तथा अन्य सभी स्थानों से डायरेक्ट ट्रेन यहां पर हैं |आप ट्रेन की समय सारणी में देखकर अपनी सुविधानुसार कोई सा भी ट्रेन ले सकते हैं यात्रा के लिए|अगर हरिद्वार के लिए आपको डायरेक्ट ट्रेन नहीं मिल रही है तो हरिद्वार का नजदीकी रेलवे स्टेशन रुड़की है |आप रुड़की आ सकते हैं और यहां से बस की यात्रा मात्र 30 किलोमीटर दूर है हरिद्वार की |मुरादाबाद से हरिद्वार 3 घंटे सफर है ट्रेन के द्वारा| 

यात्रियों के लिए टिप्स(Tips for tourist in Haridwar):

  • दोस्तों अगर आप  गुरुकुल कांगड़ी  म्यूजियम , पतंजलि योगपीठ, क्रिस्टल वर्ल्ड देखने का प्लान कर रहे हैं तो तीनों एक लाइन से है ,हरिद्वार दिल्ली मार्ग पर स्थित हैं | हरिद्वार से रोडवेज या प्राइवेट बस पकड़ कर वहां जा सकते हैं|

  • हरिद्वार में  ठहरने के लिए कई धर्मशाला है, जो रेलवे स्टेशन के पास अनगिनत धर्मशालायें है | इनमे आपको 500 रुपये में एक कमरा मिल जाता है , तथा इसके अलावा शांतिकुंज ठहरने के लिए एक अच्छा विकल्प है| रेलवे स्टेशन के पास से गुजराती समाज धर्मशाला , मुल्तान भवन , के के रेणुका धर्मशाला है |

  • दोस्तों जब हर की पैड़ी पर जाएं तो वहां पर बहुत सारे दलाल घूमते हैं| जो सामान बेचते हैं ,कुछ जंतर देते हैं  ,जड़ी बूटी देते हैं कृपया इन सब के चक्कर में ना आए नहीं आप ठगी का शिकार हो सकते हैं आप सावधानी से रहें|

  • हर की पैड़ी  बाजार से कोई सामान खरीदें तो वहां पर उनके मूल्य बहुत ज्यादा बताते हैं| कृपया आप उन सब समान को एक बार जरूर बारगेनिंग कर ले जितना हो सके उतना बारगेनिंग करें|

  •  दोस्तों हरिद्वार एक आस्था की नगरी है आप जब भी जाए तो आप यहां सावधानी से रहें कोई भी बाबा या झाड़-फूंक के चक्कर में ना आए नहीं तो आप ठगी का शिकार हो सकते हैं| 

सबसे अच्छा समय  घूमने का (Best time to visit in Haridwar):

 

  • हरिद्वार हिन्दुओ के धार्मिक स्थलों में सबसे प्रमुख है | इसलिए यहाँ साल भर भक्तो की भीड़ बनी रहती है|वैसे आप यहां किसी भी मौसम में जा सकते हैं लेकिन सबसे अच्छा जो मौसम है आप सितंबर से नवंबर तक नवंबर से जनवरी तक बहुत सर्दी पड़ती है, तो आप फिर सर्दी बाद यहां पर आए| फरवरी से लेकर अप्रैल तक | मई-जून में बहुत गर्मी पड़ती है और बरसात में यहां पर आना है उतना अच्छा नहीं है|