मथुरा के दर्शनीय स्थल और घूमने की जानकारी ( Mathura Tourist Places In Hindi )

मथुरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला  है| इस शहर को भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली मानी जाती है| यह भारत का प्राचीन शहर है तथा यमुना नदी के किनारे बसा है|

मथुरा के  दर्शनीय स्थल और घूमने की जानकारी ( Mathura Tourist Places In Hindi )

मेरे प्रिय पाठक आपका इस नए लेख में प्रेम पूर्वक नमस्कार| इस लेख में मैं आपको मथुरा के महत्वपूर्ण पर्यटक स्थल का  संपूर्ण वर्णन करेंगे तथा मथुरा घूमने का जानकारी भी देंगे |संपूर्ण जानकारी के लिए इस लेख को मेरे प्रिय पाठक अंत तक  पढ़ें और कमेंट बॉक्स में अपनी राय हमें जरूर बताएं|

मथुरा की परिचय ( Introduction of Mathura ) : 

  • मथुरा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य का एक जिला  है| इस शहर को भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली मानी जाती है| यह भारत का प्राचीन शहर है तथा यमुना नदी के किनारे बसा है| मथुरा लगभग दिल्ली से 180किलोमीटर  तथा आगरा से 58 किलोमीटर पर स्थित है|यहां पर दुनिया भर से पर्यटक कृष्ण नगरी में भगवान श्री कृष्ण का दर्शन करने के लिए आते हैं| भगवान विष्णु ने मथुरा को सर्वाधिक अपना प्रिय स्थान बताया है|कृष्ण की नगरी में यहां पर दूध दही के पकवान बहुत ही ज्यादा मात्रा में मिलते हैं| यह सात पवित्र स्थानों में से एक हैं | 

  • मथुरा को कई नाम से पुकारा गया है जैसे-शूरसेन नगरी ,मधुपुरी, मधुनगरी इत्यादि|वाल्मीकि रामायण में मथुरा को मधुपुर या मधुदानव  का नगर कहा गया है एवं इसे लवणासुर की राजधानी बताया गया है जिसे जिसे भगवान राम के सबसे छोटे भाई शत्रुघ्न ने युद्ध में हराकर मारा था इसके बाद उन्होंने यहां पर राज किया| यहां पर भगवान श्री कृष्ण ने मथुरा नरेश अपने कंस मामा को मारा था|

  • मथुरा अपने खानपान के लिए बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है जैसे कि मथुरा के पेड़े ,मखन मिश्री, चार्ट, टिक्की, कचोरी इत्यादि तथा मथुरा के लोक संगीत ,नृत्य काफी लोकप्रिय है|मथुरा अपने कुछ खास त्यौहार के लिए बहुत ज्यादा प्रसिद्ध है जैसे कि कृष्ण जन्माष्टमी ,लठमार होली, गुरु पूर्णिमा  तथा राधा अष्टमी यहां के महत्वपूर्ण त्योहार माने जाते हैं| 

Notice :  Watch also videos on Mathura trip 

मथुरा की इतिहास ( Mathura History ): 

  • मथुरा को  ब्रजभूमि के नाम से जाना जाता है|मथुरा का इतिहास करीब 2500 वर्ष पुराना है| यहां पर पहली बार राम मंदिर का निर्माण यदुवंशी राजा ने 80 वर्ष ईसा पूर्व कराया था| कुछ समय बाद कुषाण हमलों में इस मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया बाद में गुप्त काल के सम्राट चंद्रगुप्त विक्रमादित्य ने 400 ईसा पूर्व  में दूसरे बिहार मंदिर का निर्माण करवाया| 

  • मुगल बादशाह जहांगीर के शासनकाल में भगवान श्री कृष्ण  की जन्म स्थान पर एक नया विशाल मंदिर का निर्माण कराया गया |ओरछा के राजा वीर सिंह द्वारा इसकी ऊंचाई 250 फीट रखी गई |ऐसा बताया जाता है कि आगरा से भी दिखाई देता है यह मंदिर| दोस्तों उस समय इस मंदिर के निर्माण की लागत लगभग ₹33 लाख आई थी |इस मंदिर के चारों ओर एक ऊंची दीवार की चारदीवारी बनाई गई है जिसके अवशेष अभी तक पढ़ा हुआ कि नहींमिलते हैं | 

मथुरा के पर्यटक स्थल ( Tourist place in Mathura in Hindi ):

  • दोस्तों कृष्ण भगवान विष्णु के आठवें अवतार थे ,इस मथुरा में अनेकों मंदिर है| यहां पर कृष्ण के मामा कंस का राज पाठ भी यही था|  यहां पर कई सारे चमत्कारी मंदिर है|मथुरा में आपको आस्था और धर्म का अनूठा संगम देखने को मिलेगा |दुनिया भर से लोग इस जगह पर घूमने आते हैं|अगर आप मथुरा जा रहे हैं तो अपनी सुविधा अनुसार इन जगह पर जरूर घूमने जाएं- 

1. कृष्ण जन्मभूमि मंदिर. 

2. द्वारिकाधीश मंदिर.

3. गोवर्धन पर्वत.

4. बांके बिहारी मंदिर. 

5. कुसुम सरोवर.

6. मथुरा संग्रहालय.

7. विश्राम घाट.

8.  बिड़ला मंदिर. 

9. कंस किला.

10.जय गुरुदेव आश्रम.

11.पोटारा कुंड.

12.राधा कुण्ड.

13.रंग भूमि. 

1. कृष्ण जन्मभूमि मंदिर ( Krishna Janma Bhoomi Temple Mathura in Hindi ):

                         

  • कृष्ण जन्मभूमि हिन्दुओं के पूजन के लिए पावन धरती मानी जाती है।भगवान श्री कृष्ण मथुरा के एक जेल की कोठरी में पैदा हुए थे| जेल की कोठरी वाले स्थान पर एक मंदिर है|  यहां हर साल यहां पर लाखों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं| पौराणिक कथा केअनुसार यह मंदिर जहाँगीर के शाशन में ओरछा के राजा वीर सिंह बुंदेला द्वारा बनवाया गया था। यहां की जेल की दीवार और बाकी अन्य चीजे देखने पर लगता है ,मानो भगवान् श्री कृष्ण आज भी बालक के रूप में यहाँ हैं। लोग कहते हैं यहाँ पर भगवान् कृष्ण की सोने की मूर्ती रखी हुई थी जिसे महमूद गजनवी उठा ले गया था। मथुरा जंक्शन से इस मंदिर की दूरी लगभग 3.5 किलोमीटर है| मंदिर के खुलने का समय इस प्रकार है- 
  • 5:00 AM - 12:00 PM(गर्मी)
  • 4:00 PM - 9:30 PM( गर्मी)
  • 5:30 AM - 12:00 PM( सर्दी)
  • 3:00 PM - 8:30 PM( सर्दी)

2.द्वारिकाधीश मंदिर ( Dwarkadhish Temple Mathura in Hindi ):

  • इस मंदिर का निर्माण साल 1814 में करवाया गया था। इस  मंदिर में  भवान कृष्ण की सभी कलाकृतियाँ मौजूद हैं। भगवान् कृष्ण के विशाल जीवन को देखना है तो इस मंदिर में जरूर जाइए।  यह मंदिर मथुरा जंक्शन से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है तथा विश्राम घाट के नजदीक है| कृष्ण जन्माष्टमी और होली के समय यहां पर श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत ज्यादा होती है| मंदिर के खुलने का समय इस प्रकार है- 
  • 6:30 AM - 10:30 PM(गर्मी)
  • 4:00 PM - 7:00 PM( गर्मी)
  • 6:30 AM - 10:30 PM( सर्दी)
  • 3:30 PM - 6:00 PM( सर्दी)

3. गोवर्धन पर्वत ( Govardhan Parvat Mathura in Hindi ):

  • एक पौराणिक कथा के अनुसार गाँव को डूबने से बचाने के लिए भगवान् कृष्ण ने इस पर्वत को एक ऊँगली  पर उठा लिया था। लोगों  कहते हैं की इस पर्वत के चक्कर लगा लेने से आपके सारे पाप धुल जाते हैं। जब भी आप मथुरा जाए तो एक बार इस जगह जरूर  जाए|गोवर्धन पर्वत मथुरा से 22 किलोमीटर दूर वृंदावन के पास स्थित है ,यहां आने वाले पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा देखे जाने वाले पर्यटन स्थलों में से एक है।दोस्तों इस पर्वत को पवित्र माना जाता है|

  • गोवर्धन पर्वत की कहानी आपने धारवाहिकों में देखी होगी। गोवर्धन व इसके आसपास के क्षेत्र को ब्रज भूमि कहा जाता है। द्वापर युग में यहीं भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र के वर्षा प्रकोप से बचाने के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठा लिया था। गोवर्धन पर्वत को लोग गिरिराज जी भी कहते हैं। आज भी दूर दूर से भक्त इस पर्वत की परिक्रमा करने आते हैं। यह लगभग 23 किलोमीटर की परिक्रमा है। कई श्रद्धालु इसे गाड़ियों की मदद से भी पूरा करते हैं। इस रास्ते में बहुत सारे धार्मिक स्थन पड़ते हैं। इनमें आन्यौर, राधाकुंड, कुसुम सरोवर, मानसी गंगा,गोविन्द कुंड, पूंछरी का लोटा,दानघाटी इसके अलावा और भी हैं। दोस्तों परिक्रमा जहां से शुरु होती है वहीं एक प्रसिद्ध मंदिर है, जिसे दानघाटी मंदिर कहा जाता है।

4. बांके बिहारी मंदिर ( Banke Bihari Temple Mathura in Hindi ):

  • यह मंदिर भारत में मथुरा जिले के  वृंदावन धाम में रमण रेती पर स्थित है। यह भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। बांके बिहारी भगवान श्री कृष्ण का ही एक रूप है|  मथुरा जंक्शन से वृंदावन धाम की दूरी लगभग 13 किलोमीटर है|काले रंग की रखी हुई कृष्ण की मूर्ती को  बांके बिहारी जी के नाम से जानते हैं। कहते है की आप इनकी मूर्ती से नजर नहीं मिला सकते हैं। इस मंदिर में दर्शन करने आप जब भी जाइए  तो आंखें बंद करके भगवान के दर्शन यहां मत कीजिए ,आप यहां बांके बिहारी जी से नजर से नजर मिला कर दर्शन कीजिए| 

  • दोस्तों बहुत कम लोग ही जानते हैं कि बांके बिहारी की मूर्ति बनाई नहीं गई थी बल्कि स्वामी हरिदास जी के अनुरोध करने पर प्रकट हुई थी ताकि अन्य लोग भी इस कदर शंकर भगवान के साक्षात दर्शन कर उनका आशीर्वाद ले सकें| 

5.कुसुम सरोवर ( Kusum Sarovar Mathura in Hindi ):

                           

 

  • कुसुम सरोवर मथुरा शहर में स्थित गोवर्धन से लगभग 2 किलोमीटर दूर राधा घाट के पास है |यह सरोवर 450 फिट लम्बा और 60 फिर गहरा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस जगह राधा जी भगवान् कृष्ण से शाम को मिलने आया करती थी।इसी जगह ही वो रासलीला किया करते थे। प्रिय पाठक यहाँ शाम को होने वाले आरती इस जगह का मुख्य आकर्षण है जिसे देखने के लिए  देश विदेश से लोग आते हैं।

  • कुसुम सरोवर के चारों तरफ कदम के पेड़ लगे हुए हैं कहा जाता है कि भगवान श्री कृष्ण को कदम का पेड़ बहुत ही ज्यादा पसंद था| इसी वजह से भारत के कोने-कोने से जो भी श्रद्धालु मथुरा- वृंदावन आते हैं ,वह कुसुम सरोवर जाना कभी नहीं भूलते हैं |

6.मथुरा संग्रहालय ( Mathura Museum In Hindi ):

  • मथुरा संग्रहालय मथुरा में सबसे ज्यादा देखी जाने वाली जगहों में से एक हैं। इस संग्रहालय  को 1874 में बनाया गया जो यह अनूठी वास्तुकला और महत्वपूर्ण कलाकृतियों के लिए जाना जाता है , इसी वजह से यह भारत सरकार द्वारा जारी किए गए डाक टिकटों पर भी दिखाई दिया है।  यह संग्रहालय शहर के बीच में स्थित है| इसमें प्राचीन भारत के पुराने अवशेष और मूर्तियां रखी है| बदामी पत्थरों से निर्मित यह संग्रहालय है|इस संग्रहालय में कुषाण और गुप्त वंश से जुड़ी हुई कई सारी जरूरी इतिहासिक चीजों को यहां पर रखा गया है, इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण से जुडी चीजों को आप यहां पर देख सकते हैं| मेरे प्रिय पाठक जब भी आप को मथुरा जाने का सौभाग्य मिले तो यहां पर एक बार जरूर जाएं|  मथुरा जंक्शन  रेलवे स्टेशन से इस म्यूजियम की दूरी लगभग 2.5 किलोमीटर है| 

  •  प्रवेश शुल्क- Rs.5 भारतीय  श्रद्धालु, Rs.2 बच्चे  और Rs.25  विदेशी श्रद्धालु.
  •  खुलने का समय: 10:30 AM - 4:30 PM. 
  •  प्रत्येक सोमवार को बंद रहता है तथा  महीने के दूसरे  शनिवार को और नेशनल होलीडे को भी बंद रहता है|

7. विश्राम घाट ( Vishram Ghat Mathura in Hindi ):

  • विश्राम घाट द्वारिकाधीश मंदिर से लगभग 30 मीटर की दूरी पर नई बाजार में स्थित है| यह मथुरा के सभी घाटों में से एक प्रमुख घाट हैं| विश्राम घाट के उत्तर में 12 घाट और दक्षिण में भी 12 घाट हैं ,विश्राम घाट को लेकर यहां पर कुल 25 घाट है |इस घाट पर कई सारे संतों ने तपस्या की है ,और विश्राम  भी किया है| इस घाट पर यमुना महारानी जी का अति सुंदर मंदिर बना है |

  • एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान कृष्ण ने अपने मामा कंस का वध करने के बाद  इसी घाट पर विश्राम किया था। यहां पर सुबह और शाम की आरती का नजारा बहुत ही अद्भुत होता है| भगवान श्री कृष्ण का दर्शन करने के लिए बहुत सारे श्रद्धालुओं की भी यहां पर होती है|

8.  बिड़ला मंदिर ( Birla Mandir Mathura in Hindi ):

  • बिरला मंदिर मथुरा के प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है| यह मथुरा वृंदावन मार्ग पर स्थित है |इस मंदिर की दूरी मथुरा जंक्शन से लगभग 5 किलोमीटर की है|इस मंदिर के उत्तर में एक स्तंभ पर संपूर्ण भागवत गीता लिखी हुई है, इसकी कलात्मक शैली बहुत ही सुंदर और अद्भुत है |सेठ जुगल किशोर बिरला ने इस मंदिर का निर्माण कराया था | मंदिर परिसर में यात्रियों के विश्राम के लिए धर्मशाला भी बना हुआ है| बिरला मंदिर दिल्ली के लक्ष्मी नारायण मंदिर का छोटा स्वरूप है|

     मंदिर के खुलने का समय-

  •  गर्मियों में -5:00 AM - 12:00 PM and 2:00 PM - 8:00 PM
  •  सर्दी में- 5:30 AM - 12:00 PM and 2:00 PM - 8:30 PM

9. कंस किला ( Kans Qila in Hindi ): 

  • कंस का किला मथुरा में स्थित बहुत प्राचीन किला है यह यमुना नदी के तट पर बसा है|या किला भगवान श्री कृष्ण के मामा कंस को समर्पित है यह मथुरा का एक बहुत ही लोकप्रिय पर्यटक स्थल है | यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में बना है तथा इसके दीवार काफी लंबे हैं| इस समय यह किला खंडहर में तब्दील हो चुका है| यह किला हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्म के रचनात्मक कला को प्रदर्शित करता है|  इस किले की वर्तमान संरचना राजा मानसिंह ने 16वीं शताब्दी में करवाई थी | इस समय यह किला पुरातत्व विभाग के अंतर्गत है|

  • पौराणिक कथाओं के अनुसार कंस ने अपने पिता उग्रसेन को राज पर से हटा कर जेल में डाल दिया था और स्वयं शूरसेन जनपद का राजा बन गया था | शूरसेन जनपद के अंतर्गत ही मथुरा आता है| कंस के काका शूरसेन का मथुरा पर राज था| कंस ने मथुरा को भी अपने शासन के अधीन कर लिया था और वहां की प्रजा को अनेक प्रकार से प्रताड़ित करता था |कंस का वध करने के बाद कृष्ण और बलदेव ने कंस के पिता उग्रसेन को फिर से राजा बना दिया था| मेरे प्रिय पाठक यह कथा आप लोगों ने टीवी धारावाहिक में जरूर देखा होगा|

10.जय गुरुदेव मंदिर (Jaya Gurudev Mandir Mathura in Hindi):

  • जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आगरा -दिल्ली राजमार्ग पर स्थित है| यह आश्रम लगभग डेढ़ सौ एकड़ भूमि पर बसी हुई है|  

11.पोटारा कुंड (Potara Kund  Mathura in Hindi):

  • यह कुंड भगवान श्री कृष्ण को समर्पित है| एक पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि यहां पर बचपन में कृष्ण की मैया यशोदा उनके वस्त्र इसी कुंड में धोया करती थी | यह कुंड श्री कृष्ण जन्मभूमि के निकट स्थित है|यह दरवाज़े वाली आकृति बलुआ पत्थर से निर्मित है और यह पुराने हिन्दू पद्धति से बना है।यह मथुरा से लगभग 1.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है|

12.राधा कुण्ड (Radha Kund Mathura in Hindi):

  • मथुरा से लगभग 26 किलोमीटर दूरी पर गोवर्धन परिक्रमा में राधा कुंड आता है| एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन में गौचारण लीला करते थे| कृष्ण को गौ हत्या का पाप लगा था  इस पाप से मुक्ति के लिए श्री कृष्ण ने अपनी बांसुरी से एक कुंड (श्याम कुंड) खोदा और उस में स्नान किया इस पर राधा जी ने श्याम कुंड के बगल में अपने कंगन से एक और कुंड( राधा कुंड) खोदा और उस में स्नान किया स्नान करने के बाद राधा जी और श्री कृष्ण ने महारास रचाया  इसमें दोनों ने अपनी सुधबुध खो बैठे | महारास  से प्रसन्न होकर राधा जी से कृष्ण ने वरदान मांगने को कहा | तब उन्होंने कहा कि इस राधा कुंड में जो भी स्नान करें उसे पुत्र रत्न की प्राप्ति हो| इस पर श्री कृष्ण ने राधा जी को वरदान दे दिया | महारास वाले दिन कार्तिक मास की अष्टमी (अहोई अष्टमी) थी। तभी से इस विशेष तिथि पर पुत्र प्राप्ति को लेकर दंपति राधाकुंड में स्नान कर राधा जी से आशीर्वाद मांगते हैं।

13.रंग भूमि ( Rangbhoomi Mathura in Hindi):

  • एक पौराणिक कथा के अनुसार यह जगह कुश्ती क्षेत्र हुआ करता था | जहां भगवान श्री कृष्ण ने अपने मामा कंस के साथ कुश्ती की थी | कृष्ण जी ने कुश्ती जीतकर अपने मां-बाप को कंस के चंगुल से छुड़वाया था और अपने नाना को गद्दी पर बिठाया था|

मथुरा के आसपास के पर्यटक स्थल ( Tourist place near Mathura ): 

      मथुरा के नजदीक कई सारे पर्यटक स्थल है भगवान श्री कृष्ण को जो समर्पित है जो इस प्रकार हैं-       वृंदावन- यह  मथुरा से लगभग 15 किलोमीटर की दूर पर स्थित है| यहां पर कई सारे मंदिर हैं  जो भगवान श्री कृष्ण          को समर्पित है |

  • बरसाना-  यह मथुरा से लगभग 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है|
  • नंदगांव- यह बरसाना से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है
  • गोकुल-  यह मथुरा से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है  
  • मथुरा कैसे पहुंचे (How To Reach Mathura in Hindi):

मथुरा भगवान कृष्ण को समर्पित है |यह उत्तर प्रदेश का एक जिला है| मथुरा में रेलवे स्टेशन है |

1.रेल मार्ग से मथुरा कैसे पहुँचे (How To Reach Mathura By Train in Hindi):

  • मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन मध्य और पश्चिम रेलवे का एक प्रमुख स्टेशन है ,जो देश के  मुख्य शहरों से रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है। इसलिए मथुरा जाने वाले  श्रद्धालु दिल्ली, मुंबई, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, आगरा, वाराणसी, लखनऊ और कोलकाता से ट्रेन द्वारा जा सकते हैं।

2.सड़क या कार से मथुरा कैसे पहुँचे (How To Reach Mathura By Road In Hindi):

  • अगर आपके पास अपना निजी  वाहन है तो आप आराम से मथुरा की यात्रा कर सकते हैं। क्योंकि मथुरा की सड़कों का अच्छा नेटवर्क है अन्य शहरों से  जैसे कि दिल्ली, जयपुर, बीकानेर, आगरा, इंदौर, भोपाल, मुरादाबाद, कोलकाता जैसे शहरों से जोड़ता है। मथुरा जाने वाले  श्रद्धालु आगरा, अलवर, जयपुर, उदयपुर, अजमेर, चंडीगढ़, लखनऊ, अलीगढ़,  ग्वालियर, जबलपुर, कानपुर, मेरठ, हरिद्वार जैसे शहरों से अपनी  कार से सड़क मार्ग द्वारा जा सकते हैं।आप यहां पर एसी बस या फिर रोडवेज बस द्वारा भी जा सकते हैं |

3.हवाई जहाज से मथुरा कैसे पहुंचे (How to reach Mathura by flight):

  • अगर आप हवाई या वायु मार्ग से मथुरा की यात्रा करना  चाहते हैं तो बता दें कि मथुरा से  निकटतम हवाई अड्डा आगरा में है। पर आगरा के लिए देशभर से बहुत ही कम उड़ाने चलती   है। आगरा से मथुरा की दूरी करीब 58 किलोमीटर है जिसमें आपको सडक मार्ग से लगभग 1-2 घंटे का समय लगेगा।  मथुरा का प्रमुख निकटतम इंटरनेशनल हवाई अड्डा दिल्ली में स्थित इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है। जहा आपको हर जगह से उड़ाने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों तरह की मिलेगी | दिल्ली के लिए पर्यटक किसी भी भारतीय शहर या अंतरराष्ट्रीय शहर से फ्लाइट ले सकते हैं। इसके बाद दिल्ली से मथुरा आप बस, टैक्सी या ट्रेन की मदद से पहुंच सकते हैं।

यात्रियों के लिए टिप्स-

मथुरा ,वृंदावन, बरसाना, गोकुल, नंदगांव , गोवर्धन परिक्रमा  अन्य सभी इन सभी स्थानों को घूमने के लिए कम से कम 2 रात 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान कर सकते हैं| वैसे यहां पर आप कई दिन बिता सकते हैं आपका ऐसा मन प्रतीत होगा | आप अपने सुविधानुसार यहां का ट्रिप प्लान कर सकते हैं| अगर आपका खुद का वाहन है तो बहुत अच्छा है |अगर आपके पास वाहन नहीं है तो आप यहां पर रिक्शा ,ऑटो किसी भी माध्यम से आप अन्य सभी प्लेस पर घूम सकते हैं| 

सबसे अच्छा मौसम मथुरा घूमने का अक्टूबर से मार्च तक के किसी भी महीने में आप प्लान कर सकते हैं |