धर्मशाला के पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Best Dharamshala places to visit in Hindi

मेरे प्रिय पाठक आपका प्रेम पूर्वक नमस्कार हमारे इस नए लेख में इस लेख में हम धर्मशाला के सभी मुख्य पर्यटक स्थल घूमने की जानकारी देंगे अतः आपसे अनुरोध है कि हमारे इस लेख को अंत तक पढ़ें |

धर्मशाला के पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Best Dharamshala places to visit in Hindi
धर्मशाला के पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Best Dharamshala places to visit in Hindi
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धर्मशाला के पर्यटक स्थल घूमने की संपूर्ण जानकारी - Best Dharamshala places to visit in Hindi
Nature

Dharamshala Tourist Place in Hindi-

पहाड़, घाटियाँ, झील, बर्फ, एडवेंचर्स हममें से काफी लोगों को पसंद होता है| और अक्सर हमें जब भी वक्त मिलता है हम उन रास्तों की तरफ निकल पड़ते हैं| और सोचिये अगर हमें उन रास्तों की जानकारी पहले से हो तो हमारा ट्रिप कितना यादगार बन सकता है| धर्मशाला हिमाचल प्रदेश का वो शहर है जहाँ आप इन तमाम चीज़ों का लुत्फ़ उठा सकते हैं| तो धर्मशाला के बेस्ट पर्यटक स्थलों की जानकारीं प्राप्त करने के लिए आर्टिकल को एंड तक ज़रूर पढ़ें| 

धर्मशाला के सभी मुख्य पर्यटक स्थल

1. हिमालय पर्वत श्रृंखला की गोद में बसा, धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम - Dharamshala Cricket Stadium in Hindi :

  • भारत जैसे देश में जहाँ क्रिकेट प्रेमी हर राज्य, कस्बे, शहर और गाँवों सभी जगह पाए जाते हैं| और जब क्रिकेट का आनंद सीधा क्रिकेट स्टेडियम से लिया जाता है तो इसका मजा दुगुना हो जाता है| लेकिन यदि आपको क्रिकेट के साथ ब्रिफिली पहाड़ियों का मजा भी उठाना है तो हिमालय की धौलाधर पर्वत श्रृंखला के पास स्थित ‘हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम’ (HPCA) या धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम ज़रूर जाना चाहिए|  
  • यह स्टेडियम समुद्र के तल से 1457 मीटर (4780 feet) की ऊंचाई पर बनाया गया है| जिससे आप पहाड़ों के रंगीन और मनोरम दृश्यों का आनंद आराम से ले सकते हैं| बर्फ की चादर से ढँके पहाड़ों में ठंडी-ठंडी हवा को महसूस करना आपको एक अनोखा ही अनुभव देगा| स्टेडियम में लगभग 23,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ कई आधुनिक तकनीकें भी हैं|
  • यह क्रिकेट स्टेडियम अक्सर भारतीय क्रिकेट टीम, हिमाचल प्रदेश राज्य स्तरीय क्रिकेट टीम, और साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) टीम किंग्स इलेवन पंजाब के लिए अभ्यास मैदान रहा है। एक सबसे महत्वपूर्ण चीज़ जो इस स्टेडियम को सबसे ख़ास बनाती है कि आपके और आपके फेवरेट क्रिक्टर के बीच को अतिरिक्त भाड़ नहीं लगी हुई है, जिससे मैच का सबसे करीबी दृश्य आप तक पहुँचता है| पर्यटकों के लिए स्टेडियम की एंट्री टिकट मात्र 20 रूपये है| 

2. तिब्बती वक्स और अभिलेखराज का पुस्तकालय - Library of Tibetan works and archives in Hindi :

  • दुनिया में पुस्तक प्रेमियों के संख्या किसी भी मायने में क्रिकेट प्रेमियों से कम नहीं है| अगर आप भी ऐसे ही पुस्तक प्रेमी हैं जिन्हें नई, ऐतिहासिक और रोचक चीज़ों के बारे में जानना और ख़ास कर तिब्बतियन इतिहास और संस्कृति का जानने, पढ़ने का शोक है तो आपको धर्मशाला में स्थित ‘द लाइब्रेरी ऑफ तिब्बती वर्क्स एंड आर्काइव्स’ में एक बार तो ज़रूर जाना चाहिए| 
  • 11 जून 1970 को 14 वें दलाई लामा तेनजिन ग्यात्सो द्वारा इस पुस्तकालय की स्थापना की गई थी| 1959 में पलायन के दौरान तिब्बत से स्थानांतरित किए स्त्रोत जिनमें तिब्बत के इतिहास, राजनीति, संस्कृति और यहां तक कि कला से संबंधित महत्वपूर्ण तिब्बती बौद्ध पांडुलिपियाँ और अभिलेखागार शामिल हैं, उन्हें इस पुस्तकालय में संग्रहित किया गया है|
  • 80,000 से अधिक पांडुलिपियों, पुस्तकें, दस्तावेजों के साथ बौद्ध धरोहर के रूप में 600 से अधिक थानकों, मूर्तियाँ और अन्य कलाकृतियाँ, 10,000 तस्वीरें और ऐसी कई अन्य सामग्री आपको देखने को मिलेगी जो आपको रोमांचित कर देगी|  पुस्तकालय की दूसरी मंजिल पर एक संग्रालय भी है जिनमें 12वीं शताब्दी की महत्वपूर्ण अवशेष संग्रहित हैं| पुस्तकालय की मेम्बरशिप फीस 100 रूपये है|   

3. धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल - Dharamshala international film festival in Hindi :

  • यदि आप समकालीन सिनेमा, कला और मुक्त सिनेमा के शौकीन हैं तो आपको धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (डीआईएफएफ) जो भारत के धर्मशाला, मैकलॉड गंज में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव है| इस फ़िल्म महोत्सव की स्थापना, फिल्म निर्मात रितु सरीन और तेनजिंग सोनम ने 2012 में पहाड़ी इलाकों में सिनेमाई कला और मिडिया को बढ़ावा देने के लिए की थी।  
  • 2016 के बाद से इस फ़िल्म महोत्सव ने गांवों, स्कूलों, कॉलेजों और जिला क्षेत्रों में सामुदायिक स्क्रीनिंग आयोजित करने का फैसला किया ताकि छात्रों में गंभीर और सक्रीय सिनेमा की ओर ध्यान आकर्षित किया जा सके। धर्मशाला के इस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में  सामान्य तौर पर 26 समकालीन- कथाओं और वृत्तचित्रों और लघु, एनीमेशन और प्रायोगिक फिल्मों को नवंबर के प्रारंभिक 3 दिनों में प्रदर्शित किया जाता है।
  • इस महोत्सव के जरीय आप नये और समकालीन मुद्दों पर प्रदर्शित सिनेमा का तो आनंद उठाते ही हैं साथ ही अपने विचारों में भी एक नवीनता का संचार करते हैं तो यदि आप धर्मशाला आए तो इस सिनेमा महोत्सव को देखने ज़रूर जाए|

4. धर्मशाला के जंगलों में, युद्ध स्मारक - The War Memorial in the Forest of Dharamshala in Hindi :

  • भारत, वो देश है जो हमें अपने वीर जवानों से विरासत के रूप में मिला है| जिस भारत को आजाद कराने का सपना पूरा करने के लिए हमारे कई वीर जवान हँसते-हँसते शहीद हो गए उन्हीं वीर जवानों को याद करने के उद्देश्य से धर्मशाला में ‘युद्ध स्मारक’ बनाया गया है|  देवदार के घने जंगलों के बीच बना यह सुन्दर स्थान घर्मशाला शहर के प्रवेश बिंदु पर ही स्थित है|
  • यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं तो घने जंगल से पैदल गुजरते हुए इस स्मारक तक पहुँचना आपको एक नया अनुभव देगा| संगमरमर के लगभग 24 फीट ऊँचे काले पत्थर पर उन सभी वीर जवानों के नाम दर्ज हैं जिन्होंने विशेष रूप से सन् 1947, 1948, 1962, 1965 और 1971 की लड़ाई के दौरान मातृभूमि की रक्षा और सम्मान के लिए ख़ुद को शहीद किया|
  • इस वॉर मेमोरियल में अब तक 1046 शिलालेख लिखे गए| यदि आप प्रकृति के आनंद के साथ अपने वीर जवानों को स्मरण करना चाहते हैं तो आपको इस स्थान पर अवश्य आना चाहिय| इस मेमोरियल की एंट्री टिकट केवल 5 रूपये है| 

5. तांत्रिक ध्यान के लिए लोकप्रिय, ग्युतो मठ, धर्मशाला - Popular known for the study of tantric meditation, Gyuto Monastery in Hindi :

  • यदि आप भी अपनी रोजमर्रा की ज़िंदगी से थोड़ा सा आराम चाहते हैं और कुछ पल केवल अपने साथ बिताना चाहते हैं तो आपको भी धर्मशाला के गियुतो मठ की यात्रा करनी चाहिए| शान्ति के वातावरण के साथ बौद्ध धर्म के इतिहास और दुनिया भर में प्रयोग किए जाने वाले तांत्रिक अध्ययन के लिए यह मठ जाना जाता है। मठ के भिक्षुओं की मान्यता कि लोगों की भलाई के लिए भी काले जादू की प्राचीन शक्ति का उपयोगकिया जा सकता है|
  • इस मठ में आपको कई ऐसी कहानियाँ भी सुनने को मिलेंगी जिन्हें आपने कहीं और नहीं सुना होगा जो आपको एक अलग ही तरह की सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती हैं। साथ ही मठ में कई कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ और कक्षाएं भी आयोजित की जाती हैं जो आपको तिब्बती संस्कृति, विशेष रूप से गियुतो ऑर्डर के बारे में बताती हैं और अभ्यास भी कराती हैं। यहाँ अभ्यास कराई जाने वाली तांत्रिक विद्याओं में यमंतक, गुह्यसमाज और चक्रसमार्वरा आदि जैसी प्रथाएँ मुख्य रूप से शामिल है। 
  • गयूटो ऑर्डर, गेलुग ऑर्डर का एक तांत्रिक खंड है, जिसकी स्थापना 1475 में तिब्बत में एक प्रमुख तांत्रिक विश्वविद्यालय के रूप में की गई थी, जहाँ भिक्षु वज्रयान की कला का अभ्यास करते हैं| गियुतो मठ में बुद्ध पूर्णिमा के दिन बौद्ध धर्म के अनुयायी बहुत ज्यादा संख्या में आते हैं| आप भी यदि इस मठ की यात्रा करें तो बुद्ध पूर्णिमा के दिन ज़रूर आए तब तक मनोरम दृश्य आपको एक लग तरह की शान्ति प्रदान करता है| इस मठ में प्रवेश निःशुल्क है| 

6. अति खूबसूरत डल झील - Very beautiful, Dal lake in Hindi :

  • हम अक्सर छुट्टियों में ऐसी जगह जाना पसंद करते हैं जहाँ हम एक ही स्थान पर ज्यादा से ज्यादा चीज़ों का आनंद ले सकें| यदि आप भी उन्हीं लोगों में से हैं तो फिर आपको धर्मशाला के कांगड़ा जिले में स्थित दल झील ज़रूर घूमना चाहिए| देवदार के घने जंगलों से घिरी यह झील लगभग 1775मी. लम्बी है|
  • यहाँ आप घुले आसमान में पहाड़ों और जंगल में ट्रेकिंग की मजा भी ले सकते हैं| झील के शांति भरे वातावरण में मछलियों को बैठ कर देखना आपको भीतर तक रोमांचित कर देगा| और अगर आप बोटिंग के शौकीन हैं तो उसका आनंद भी आप यहाँ ले सकते हैं| अथॉरिटी से अनुमति लेकर यहाँ मछली पकड़ने जैसी गतिविधि भी की सकती है|
  • साथ ही यहाँ बहुत सुन्दर शिव जी का मंदिर भी हैं| सर्दियों के मौसम में यहाँ जब बर्फबारी होती है तो यहाँ का दृश्य अनोखा ही होता है| सफेद बर्फ की चादर से ढके पेड़ एक अलग ही सुंदरता लिए आपको यहाँ मिलेंगे| तो हुआ न एक ही जगह भरपूर आनंद|   

 7. पिकनिक स्थल, ट्रायंड - Picnic spot, Triund in Hindi :

  • पहाड़ी, घने जंगलों और सुंदर स्थानों का भरपूर आनंद उठाने के लिए काफी लोगों को कई तरह की एडवेंचर्स एक्टिविटी करने का शौक होता है| अगर आप भी ऐसी एक्टिविटीज के शौकीन हैं तो आपको भी त्रुंड एडवेंचर्स जो हिमाचल में धौलाधार पर्वत शृंखला से लेकर लाहौल स्पीति तक, सभी प्रकार की राउंड ट्रेकिंग टूर आयोजित कराती है, का ट्रेकिंग ट्रिप ज़रूर ट्राय करना चाहिए|
  • अच्छी तकनीक, बेहतर कैम्प पेलेंस, सुनियिजित सुविधाओं और प्रशिक्षित ट्रेनर से लैस ये कैम्प आपको आपकी छुट्टियों का पूरा आनंद आपको प्रदान करेगा|    

8. दलाई लामा निवास स्थान स्युगलगंग, मैक्लोडगंज - Beautiful Famous Dalai Lama Place Dharamsala in Hindi :

  • दलाई लामा निवास स्थान स्युगलगंग धर्मशाला का धार्मिक स्थान है जहाँ तिब्बतियन धर्म की शिक्षा दी जाती है और साथ ही लगातार यहाँ तिब्बत भाषा में उपदेश भी दिए जाते हैं| यह मंदिर अपनी सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है, बुद्ध, अवलोकवितेश्वर, पमसम्भव और कई बड़ी मूर्तियाँ यहाँ हैं जो पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। 
  • जैसे ही आप मंदिर में दाखिल होते हैं, कुछ लैम्प जलते आपको नजर आ सकते हैं साथ कहाँ एक प्रार्थाना पहियानुमा है जहाँ आप कुछ लोगों को जप करते भी देख  सकते हैं| मंदिर के परिसर में कुछ दुकानें जहाँ आपको तिब्बतियन धर्म और भाषा की मूर्तियाँ और कुछ पुस्तकें मिल सकती हैं|
  • मंदिर में एक छोटा संग्राहलय भी है जहाँ दलाई लामा, तिब्बती संस्कृति, शहीदों और अन्य लोगों के दुर्लभ फोटोग्राम हैं| यहाँ दलाई लामा हर साल दो-तीन बार आते हैं लोगों को उपदेश और आशीर्वाद देने हैं। इस प्रकार, इस मंदिर को दलाई लामा मंदिर के नाम से जाना जाता है|    

9. धर्मशाला में ट्रैकिंग - Tracking in Dharamshala in Hindi :

  • सुंदर पहाड़ों, बर्फीली चोटियों, घने जंगलों में ट्रेकिंग का मजा ही कुछ और होता है| अकसर लोग ऐसी ही एक्टिविटी का मजा लेने छुट्टियों में घूमने निकलते हैं, अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं तो धर्मशाला में ऐसे कई ट्रेकिंग ट्रेल्स हैं, जहाँ आप इन सबका लुत्फ़ उठा सकते हैं| 
  • जिनमें त्रिपुंड ट्रेक, करेरी लेक ट्रेक, इंद्रहार पास ट्रेक और कांगड़ा वैली ट्रेक आदि शामिल हैं। धर्मशाला में कुछ ट्रेक ऐसे भी हैं जिन्हें एक दिन में कवर किया जा सकता है, जैसे-ट्रायंड ट्रेक, और वो भी बिना किसी गाइड के। हालांकि, कुछ ऐसे ट्रेक भी हैं जहाँ आपको कुछ दिनों में ट्रेक कवर करने की ज़रूरत पड़ सकती है और वो भी एक गाइड की निगरानी में।

10. धर्मशाल का मशहूर मसरूर रॉक कट मंदिर - Dharamsala ka Famous Masrur Rock Cut Temple In Hindi :

  • यदि आप भी अविश्वसनीय और अद्भुत चीजों को देखने के शौकीन हैं और साथ ही धार्मिक आस्था रखते हैं तो आपको धर्मशाला में स्थित, कांगड़ा घाटी से 15 कि.मी. दूर मसरूर रॉक कट मंदिर ज़रूर आना चाहिए| 15 चट्टानों को काटकर बनाया गया यह मंदिर एक अद्भुत नक्काशी का केंद्र है| 
  • कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण 8वीं शताब्दी में हुआ था और मंदिर के शिल्पकार एक अनोखा और बड़ा मंदिर निर्माण करना चाहते थे जो किसी कारणवश पूरा न हो सका| मंदिर में भगवान शिव और विष्णु की मूर्तियों विराजमान हैं जो 1905 के भूकम्प में खंडित हो गई थीं| 
  • ऐसा भी कहानी यहाँ प्रचलित है कि पांडवों ने अपने अज्ञातवास में छिपने के लिए यहाँ अपना निवास स्थान बनाया था लेकिन कौरवों को पता चलने के बाद उन्होंने यह स्थान छोड़ दिया| 

11. अंजघर महादेव मंदिर धर्मशाला - Ajanghar Mahadev Mandir in Hindi :

  • धर्मशाला से लगभग 20 कि.मी. दूर धौलीधर के खनियार गाँव में प्राचीन शिव मंदिर स्थित है जो पर्यटकों, शिव भक्तों, श्रद्धालुओं का प्रमुख केंद्र है| यह मंदिर लगभग 500 साल पहले बनाया गया था| इस मंदिर की सुन्दरता का मुख्य कारण इसका पहाड़ की चोटियों के बीच बसना है| 
  • साथ ही मंदिर के पास एक छोटा झरना जो यहाँ की सुन्दरता में चार चांद लगाता है| मंदिर के पास गुफा में शिवलिंग है जहाँ लोग पूजा, अर्जना करते हैं| माना जाता है कि महाभारत के समय अर्जुन ने भगवान शिव कि आराधना कर यहीं महान पशुपति शस्त्र पाया था|        

12. लोकप्रिय कालचक्र मंदिर - Famous Kaalchakra Mandir in Hindi :

  • कालचक्र मंदिर जो धर्मशाला के पास मैकलोडगंज में थेक्चेन चोलिंग मंदिर परिसर के स्थित है| नाम से ही रोचक लगने वाले इस मंदिर की लोकप्रियता का मुख्य कारण कालचक्र मंदिर में कालचक्र के आश्चर्यजनक भित्ति चित्रों का होना है| इस मंदिर को 1992 में बनाया गया था।
  • कालचक्र मंदिर त्सुगलाघन मंदिर के पश्चिम में स्थित है| अवलोकितेश्वर से जुड़े चित्र मंदिर की दीवारों और खंभों पर बड़े खूबसूरत ढंग से अंकित किये गये हैं| साथ ही पारंपरिक तिब्बती थंगका चित्र भी इन दीवारों का मुख्य आकर्षण हैं। 
  • इसके अलावा, मंदिर में शाक्यमुनि बुद्ध की एक मूर्ति भी है, जो मंडला के सात सौ सत्तर देवताओं के आश्चर्यजनक भित्ति चित्रों से घिरा हुआ है, और एक केंद्रीय कालचक्र छवि भी है। धर्मशाला में सबसे लोकप्रिय धार्मिक तीर्थ स्थलों में से एक, इस मंदिर के परिसर में एक पुस्तक की दुकान और विचित्र कैफे भी हैं। साथ ही यहाँ तिब्बत के हर 3 महीने के 15 वें दिन एक वार्षिक उत्सव मनाया आयोजित किया जाता है|  

13. सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च धर्मशाला - Dharamshala ka famous St John in the Wilderness Church in Hindi :

  • अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर जाना, घूमना और उनके बारे में जाना किसे अच्छा नहीं लगता| अगर आप भी ऐसा ही मानते हैं तो आपको धर्मशाला के प्रमुख सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च ज़रूर जाना चाहिए|  धर्मशाला के पास और मैकलोडगंज के रास्ते में स्थित, यह सुंदर चर्च नव-गॉथिक जॉन द बैपटिस्ट के स्मरण  में बनाया गया था। 
  • हरे-भरे देवदार के जंगलों के बीच, बना यह सुंदर चर्च अपनी बेल्जियम के स्टेनडं-ग्लास से बनी खिड़कियों के लिए धर्मशाला का सबसे प्रमुख पर्यटक स्थल माना जाता है। खिड़कियों के ग्लास पर की गई बारीक नक्काशी सच देखने लायक है और आपको अचंभित भी कर सकती है| यदि आप भी इस अद्भुत और प्राचीन इमारत को देखना चाहते हैं तो एक बार सेंट जॉन इन द वाइल्डरनेस चर्च ज़रूर जाएँ| 

14. धर्मशाला का हिल स्टेशन धर्मकोट - Famous Dharamshala Hill Station in Hindi :

  • धर्मशाला के मैकलोडगंज के ऊपर एक पहाड़ी के शिखर पर, धरमकोट धर्मशाला एक सुंदर और छोटा सा हिल स्टेशन है| जहाँ से कांगड़ा घाटी और धौलाधार पर्वतमाला के व्यापक दृश्यों को देखा जा सकता है।
  • इस छोटे से हिल स्टेशन का दृश्य इतना सुंदर होता है कि आप ख़ुद को दृश्यों को कमरे में कैद करने से रोक नहीं पाएँगे| बर्फ की चर्द से ढँके पहाड़, झील, सर्द हवा, खुले आसमान का आनंद आपके रोम-रोम को पुलकित कर सकता है| 
  • यदि आप फोटोशूट के शौकीन हैं तो यह जगह आपके लिए बिलकुल ठीक हैं जहाँ आप ढेर सारी तस्वीरें खींच सकते हैं|   

धर्मशाला का प्रमुख खाना - Famous food of Dharamshala in Hindi :

  • खाने के शौकीन तो हम सब होते हैं और नई-नई जगह के फेमस व्यंजनों को चखना भी एक अलग ही अनुभव होता है| यदि आप धर्मशाला आए तो यहाँ के धाम, सिदु, अनारदाना चिकन, बबरू, तुड़ाकिया बात, थुपका, तिब्बतियन टी, कैरट केक और मोमस ज़रूर ट्राई करना चाहिए|
  • यूँ तो यहाँ उत्तर, दक्षिण, खाने की भी व्यवस्था है और ढ़ेर सारे विकल्प उपलब्ध हैं| लेकिन कोई भी डिश आर्डर करने से पहले पूछ ज़रूर ले कि कौन सी शाकाहारी है और कौन सी माँसाहारी| ताकि आप सही खाने का आनंद उठा सकें|

धर्मशला के रंग-बिरंगे बाज़ार - Dharamshala ke famous Shopping Spot in Hindi :

  • खरीदारी करना हममें से कई लोगों को बहुत पसंद आता है, जो कई लोगों की हॉबी भी है| नई जगहों की नई-नई चीजें हम सबको आकर्षित करती हैं| अगर आप भी खरीदारी और बाज़ार घूमने के शौकीन हैं तो आपको धर्मशाला में कई ऐसे बाज़ार हैं जहाँ आपको ऊनी कपड़े, प्राचीन वस्तुएँ, हस्तकला की वस्तुएँ, तिब्बती संस्कृति से जुड़ी कई चीजों मिलेंगीं जिन्हें आप खरीद सकते हैं।
  • धर्मशाला ज्यादातर बाज़ार मैकलियोडगंज में पाए जाते हैं। आप यहाँ के लोकल ट्रांसपोर्ट के जरिएयहाँ आसानी से पहुँच सकते हैं। क्योंकि ये बाज़ार पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है, जिन्हें आप आसानी से लोकेट कर सकते हैं| यहाँ के प्रमुख बाज़ार हैं-   
  • दिव्य बुद्ध हस्तशिल्प
  • नामग्याल बुक शॉप
  • कोतवाली बाजार
  • सेमशुक तिब्बती हस्तकला
  • ग्रीन शॉप
  • गाँव का बुटीक
  • इन बाज़ारों में आप न केवल तिब्बती ट्रिंकेट, बल्कि अन्य ऊनी वस्त्र भी पा सकेंगे। पूरा बाजार उन दुकानों से भरा हुआ है जो भव्य शॉल, स्वेटर, कार्डिगन और अन्य सामानों से लबालब रहता हैं| साथ ही आपको कई  रोजमर्रा के जीवन के भी आवश्यक वस्तुएँ यहाँ मिल जाएँगी। तो जब भी आप धर्मशाला जाएँ इन बाजारों का रुख ज़रूर लेकर आए|
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