छत्रपति शिवाजी म्यूजियम औरंगाबाद घूमने की जगह - Chhatrapati Shivaji Museum Aurangabad in Hindi

छत्रपति शिवाजी म्यूजियम औरंगाबाद में स्थित है। यह म्यूजियम औरंगाबाद से 5.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। छत्रपति शिवाजी म्यूजियम छत्रपति शिवाजी की जीवन रेखा को दिखाता है। यह औरंगाबाद के हुमायूं बाग के बेहद निकट स्थित है।

छत्रपति शिवाजी म्यूजियम औरंगाबाद घूमने की जगह - Chhatrapati Shivaji Museum Aurangabad in Hindi
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छत्रपति शिवाजी म्यूजियम का इतिहास - History of Chhatrapati Shivaji Museum Aurangabad :

  • छत्रपति शिवाजी म्यूजियम दो महान शासकों के इतिहास का प्रमाण है। पहला छत्रपति शिवाजी और दूसरा मुगल शासक औरंगजेब। छत्रपति शिवाजी और मुगल शासक औरंगजेब के इतिहास में संबंध से कौन परिचित नहीं है?
  • लेकिन उसी को बहुत करीबी से, कुछ साक्ष्यों एवं संग्रहित वस्तुओं के माध्यम से इस संग्रहालय  में दर्शाया गया है। 
  • छत्रपति शिवाजी का देश प्रेम उनकी जीवन चर्या, उनके प्रशासन, राज पाठ इत्यादि की एक झलक विस्तृत तौर पर इस संग्रहालय में देखने को मिल सकती है।
  • इतिहास के साक्ष्यों के अनुसार इस संग्रहालय को निर्मित करने में 194 लाख की कीमत लगी। तो आइए जानते हैं इस संग्रहालय की संरचना और इसकी खूबसूरती किन-किन चीजों में निहित है।

छत्रपति शिवाजी संग्रहालय की संरचना - Structure of Chhatrapati Shivaji Museum in Hindi : 

  • इस संग्रहालय की संरचना अद्भुत है। इसकी बारीक नक्काशी सुंदर और महीन कारीगरी से निर्मित प्रवेश द्वार और भीतर की निर्मित संरचना पर्यटकों को अपनी ओर सहज ही आकर्षित करती है।
  • इस संग्रहालय में छह हॉल और छह गैलरी हैं। सभी हॉलों को देखें तो संग्रहालय का पहला हॉल लकड़ी से बना हुआ है जहां पर छत्रपति शिवाजी की कुछ महत्वपूर्ण चीजों को संग्रहित किया गया है।
  • दूसरे हॉल में छत्रपति शिवाजी एवं उनकी सेना में भर्ती सैनिकों की तलवार, ढाल और इसके अतिरिक्त एक पुरानी राइफल भी है। 
  • संग्रहालय के तीसरे हॉल में कुछ तस्वीरों का संग्रहण किया गया है। इन तस्वीरों में कुछ किलों की तस्वीरें हैं जैसे तोरण, लोहागढ़, सिंह गढ़ इत्यादि। यह तस्वीरें शिवाजी की ऐतिहासिकता का प्रमाण है। इन तस्वीरों के अलावा इस हाल में कुछ पेंटिंग भी है जिनके माध्यम से छत्रपति शिवाजी के शासन काल की जानकारी पर्यटक ले सकते हैं। 
  • चौथे हॉल में छत्रसाल शिवाजी की रोजमर्रा की चीजें रखी हुई है। इस हाल में छत्रपति शिवाजी के परिवार के संदर्भ में भी जानकारी विस्तृत रूप में मिल जाएगी इसके अलावा इस फोन में कुछ सिक्के भी जमा हैं। ऐतिहासिक साक्ष्यों के अनुसार यह सिक्के सातवाहन वंश के समय के माने जाते हैं।
  • हम जानते हैं कि यह संग्रहालय छत्रपति शिवाजी के साथ-साथ औरंगजेब के इतिहास को भी दिखाता है। तो इसी से हम पर्यटकों को यह जानकारी देना चाहेंगे कि इस संग्रहालय में औरंगजेब द्वारा हाथ से लिखी हुई कुरान की एक प्रति भी है। 
  • इसके अलावा इस संग्रहालय में युद्ध में प्रयोग किए गए कई हथियार और उनके साथ साथ 500 युद्ध पहनावे भी मौजूद हैं। इसके अलावा इस संग्रहालय में एक पठानी साड़ी भी देखने को मिल जाएगी।

छत्रपति शिवाजी म्यूजियम की सामान्य जानकारी - Common Information About Chhatrapati Shivaji Museum in Hindi :

  • पर्यटकों को छत्रपति शिवाजी म्यूजियम समय का ध्यान रखते हुए जाना होगा। इसका समय सुबह 10:30 से शाम के 6:00 बजे तक का है। प्रत्येक सप्ताह के गुरुवार को यह संग्रहालय बंद रहता है। भारतीयों के लिए प्रवेश शुल्क केवल ₹5 है तथा विदेशियों के लिए यह प्रवेश शुल्क मात्र ₹20 है

छत्रपति शिवाजी म्यूजियम के आसपास घूमने की अन्य स्थल - Places to Visit Near Chhatrapati Shivaji Museum in Hindi : 

  • पर्यटक यदि छत्रपति शिवाजी म्यूजियम जाने का विचार बना रहे हैं तो वे उसके आसपास के स्थानों पर भी घूम सकते हैं। छत्रपति शिवाजी के आसपास भी कई ऐसे ऐतिहासिक पर्यटक स्थल है जहां पर जाकर आपको इतिहास से संबंधित और भी जानकारी मिलेगी जिससे आप औरंगाबाद के इतिहास को और करीब से कुरेद पाएंगे।
  • छत्रपति शिवाजी म्यूजियम के पास में हुमायूं बाग, बीबी का मकबरा, नेहरू बाल उद्यान और सोनेरी महल जैसे कुछ प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं जहां पर आप अपना समय बिता सकते हैं। 

छत्रपति शिवाजी म्यूजियम कैसे पहुंचे - How to Reach Chhatrapati Shivaji Museum in Hindi : 

  • जैसा कि हमने पर्यटकों बताया कि छत्रपति शिवाजी संग्रहालय औरंगाबाद रेलवे स्टेशन से 5.5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह हुमायूं बाग के निकट पड़ता है। इसके अलावा छत्रपति शिवाजी म्यूजियम की निकटता नेहरू बाल उद्यान से भी है। छत्रपति शिवाजी संग्रहालय पहुंचने के लिए औरंगाबाद से पर्यटकों को कैब अथवा टैक्सी या बस की सुविधा सहज ही उपलब्ध हो जाएगी।
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